68 पीडीएस भवन,35 ग्राम पंचायत भवन एवं आंगनवाड़ी भवन को मिली स्वीकृति
666 बालिका शौचालय, 210 मुक्तिधाम और 215 सैंड फिल्टर बोरवेल के निर्माण कार्यों को मंजूरी

जल संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता, 1283 कृषि डबरी, 215 परकोलेशन टैंक और 203 तालाब गहरीकरण के कार्य स्वीकृत

कोरबा, 14 अक्टूबर 2026/ विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत कोरबा जिले में ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए अब तक 127 करोड़ रुपये की लागत के 3056 कार्य स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत जल संरक्षण एवं संवर्धन, बालिका शौचालय निर्माण, मुक्तिधाम, सैंड फिल्टर बोरवेल तथा ग्रामीण अधोसंरचना से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। इन प्रयासों से विकसित भारत की तरह विकसित कोरबा बनाने के संकल्प को गति मिल रही है।
कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देशन तथा मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रतीक जैन के मार्गदर्शन में जिले की ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप रोजगारमूलक एवं उपयोगी परिसंपत्तियों के निर्माण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। योजना के तहत जिले के सभी पांच विकासखंडों के 600 से अधिक शासकीय विद्यालयों में 666 बालिका शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही 210 मुक्तिधाम और 215 सैंड फिल्टर बोरवेल,68 पीडीएस भवन, 35ग्राम पंचायत भवन एवं आंगनवाड़ी भवन निर्माण के कार्य भी स्वीकृत किए गए हैं।
सभी पांच विकासखंडों में बालिका शौचालय निर्माण को प्राथमिकता
विद्यालयों में बालिका शौचालयों के निर्माण से छात्राओं को स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनके लिए सुरक्षित एवं सुविधाजनक शैक्षणिक वातावरण विकसित करने में मदद मिलेगी। इस पहल के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान से जल संरक्षण को बढ़ावा
जिले में जल संरक्षण एवं संवर्धन को प्राथमिकता देते हुए ‘मोर गांव, मोर पानी’ अभियान के अंतर्गत 1283 कृषि डबरी, 215 परकोलेशन टैंक, 80 कंटूर ट्रेंच तथा 203 तालाब गहरीकरण के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन संरचनाओं के माध्यम से वर्षा जल संरक्षण, भू-जल संवर्धन और कृषि कार्यों के लिए पानी की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेती-किसानी और आजीविका गतिविधियों को मजबूती मिलने के साथ जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।
योजना के अंतर्गत ग्राम पंचायतों में स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन, महिला स्व-सहायता समूहों के वर्कशेड तथा अन्य उपयोगी ग्रामीण अधोसंरचनाओं के निर्माण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इन कार्यों से सामुदायिक सुविधाओं का विस्तार होगा और ग्रामीण आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
125 दिनों तक रोजगार का प्रावधान
विकसित भारत-जी राम जी योजना के अंतर्गत ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में 125 दिनों तक अकुशल रोजगार उपलब्ध कराने का प्रावधान है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण श्रमिकों को स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराने के साथ गांवों में टिकाऊ एवं उपयोगी सार्वजनिक परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। जल संरक्षण, कृषि आधारित संरचनाओं, तालाबों तथा अन्य सामुदायिक सुविधाओं से जुड़े कार्यों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर सृजित किए जा रहे हैं।
रोजगार के साथ मजबूत होगी ग्रामीण अधोसंरचना
योजना के तहत स्वीकृत कार्यों से गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार, जल संसाधनों का संरक्षण और आजीविका के साधनों का विकास किया जा रहा है। बालिका शौचालयों, मुक्तिधामों, सैंड फिल्टर बोरवेल तथा जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद मिलेगी। साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध होने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
कोरबा जिले में विकसित भारत-जी राम जी योजना के माध्यम से रोजगार सृजन और स्थायी परिसंपत्तियों के निर्माण को एक साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। इन कार्यों के जरिए गांवों को सुविधायुक्त, जल समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा मे प्रयास किये जा रहे हैं।





