
कोरबा 07 अप्रैल 2026/सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु चलाए जा रहे अभियान के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी, पाली द्वारा एक बड़ी कार्रवाई की गई है। ग्राम पंचायत पटपरा स्थित शासकीय उचित मूल्य दुकान के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितता और खाद्यान्न गबन की पुष्टि होने पर संबंधित संचालक संस्था का अनुबंध तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। यह आदेश प्रशासन द्वारा राशन वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त संदेश देने के उद्देश्य से जारी किया गया है।
जांच और गबन के खुलासे के संबंध में विस्तृत विवरण देते हुए एसडीएम रोहित सिंह ने बताया कि ग्राम पंचायत पटपरा की उचित मूल्य दुकान, जिसका संचालन महिला जागृति स्व सहायता समूह भोड़कछार द्वारा किया जा रहा था, के विरुद्ध शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके पश्चात हल्का पटवारी द्वारा 30 मार्च 2026 को किए गए आकस्मिक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन में पाया गया कि वितरण पंजी में जनवरी 2026 माह हेतु कुल 562 राशनकार्ड धारियों के हस्ताक्षर और फिंगर प्रिंट ले लिए गए थे, किंतु जमीनी हकीकत में केवल 140 से 150 कार्डधारियों को ही चावल का वितरण हुआ था। शेष कार्डधारियों को चावल, शक्कर और चना का वितरण किए बिना ही रिकॉर्ड में फर्जी वितरण दिखाया गया था।
संस्था द्वारा कारण बताओ नोटिस के जवाब में जनवरी माह का राशन वितरित न करने की बात स्वयं स्वीकार की गई है। इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली (नियंत्रण) आदेश 2016 और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धाराओं का स्पष्ट उल्लंघन मानते हुए कठोर कार्रवाई की गई है। इसके तहत महिला जागृति स्व सहायता समूह का संचालन अनुबंध और अधिकार पत्र तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया है और संस्था द्वारा जमा की गई संपूर्ण प्रतिभूति राशि को शासन के पक्ष में राजसात कर लिया गया है। ग्रामीणों को राशन प्राप्ति में कोई असुविधा न हो, इसके लिए आगामी आदेश तक उक्त दुकान का संचालन अस्थायी तौर पर ग्राम पंचायत पटपरा को आवंटित कर दिया गया है।



