
अम्बिकापुर, 10 अप्रैल 2026 / कलेक्टर अजीत वसंत द्वारा पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरतने के मामले में एक राजस्व निरीक्षक और एक पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
जारी आदेशानुसार, ग्राम उरंगा-बरिमा (तहसील मैनपाट) में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कार्पोरेशन लिमिटेड द्वारा अधिग्रहित भूमि की फसल क्षति मुआवजा निर्धारण का दायित्व संगीता भगत, राजस्व निरीक्षक और चन्द्रदेव मिर्रे, पटवारी को सौंपा गया था। जांच में पाया गया कि उक्त कर्मचारियों द्वारा मूल (सेटलमेंट) रकबा से अधिक रकबा दर्ज किया गया। साथ ही मुआवजा अवधि के दौरान भूमि का क्रय-विक्रय कर ऑनलाइन अभिलेख दुरुस्त किए गए और पुनः मूल भूमि स्वामी के नाम से त्रुटिपूर्ण गणना पत्रक तैयार कर प्रस्तुत किया गया।
इस गंभीर लापरवाही पर कलेक्टर कार्यालय द्वारा दिनांक 18.03.2026 को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिवस के भीतर जवाब मांगा गया था। दोनों कर्मचारियों द्वारा प्रस्तुत जवाब समाधानकारक नहीं पाए गए। उनके इस कृत्य को छ.ग. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत मानते हुए कड़ी कार्यवाही की गई है।
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश के तहत, संगीता भगत (राजस्व निरीक्षक) और चन्द्रदेव मिर्रे (पटवारी) को छ.ग. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में संगीता भगत का मुख्यालय ‘कार्यालय भू-अभिलेख, जिला-सरगुजा’ तथा चन्द्रदेव मिर्रे का मुख्यालय ‘कार्यालय तहसीलदार उदयपुर’ नियत किया गया है। दोनों निलंबित कर्मचारियों को निलंबन अवधि के दौरान नियमानुसार ‘जीवन निर्वाह भत्ता’ देय होगा।
कलेक्टर द्वारा इस आदेश की प्रतिलिपि आयुक्त भू-अभिलेख, आयुक्त सरगुजा संभाग सहित संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित कर दी गई है।



