
चौथे सप्ताह में स्मार्टफोन प्राइवेसी और सेफ ब्राउजिंग पर फोकस, UPI-बैंक फ्रॉड से बचाव के बताए तरीके
कोरबा। डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ कोरबा पुलिस का ‘साइबर जागृति अभियान’ लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले एवं नितीश ठाकुर के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के कुशल नेतृत्व में अभियान के चौथे सप्ताह में जिलेभर में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।


07 सितंबर 2026 को कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार, चैतमा सहित विभिन्न थाना क्षेत्रों की पुलिस टीमों ने बैंकिंग संस्थानों, औद्योगिक क्षेत्रों, स्कूलों, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर लोगों को साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया।

महिला कॉलेजों और सामुदायिक समूहों में भी जागरूकता
अभियान के तहत इस सप्ताह विशेष रूप से स्मार्टफोन प्राइवेसी और सेफ ब्राउजिंग को केंद्र में रखा गया। नागरिकों, विद्यार्थियों, महिलाओं, कर्मचारियों और सामुदायिक समूहों को मोबाइल में निजी जानकारी सुरक्षित रखने तथा इंटरनेट का सावधानीपूर्वक इस्तेमाल करने के तरीके बताए गए।
पुलिस ने लोगों को समझाया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। इनमें UPI फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, OTP के नाम पर ठगी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फाइल और फर्जी वेबसाइट प्रमुख हैं।
जैन भवन से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंची पुलिस
कोतवाली पुलिस एवं नगर पुलिस अधीक्षक की टीम ने जैन भवन, पुराना बस स्टैंड कोरबा सहित विभिन्न स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम किया। महिला थाना पुलिस ने जेपी हाई स्कूल में विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा की जानकारी दी।
बालको क्षेत्र में पुलिस टीमों ने चेकपोस्ट, व्यावसायिक परिसरों, राम मंदिर के सामने, मास्टर क्लास, मिनीमाता नगर, एकता नगर, लालघाट, प्रोजेक्ट गेट, ओएस कॉलोनी, रिंग रोड, बेलगाड़ी नाका, मटेरियल गेट, आलूवालिया गेट, जुबिली पार्क एवं परसाभाठा सहित अनेक स्थानों पर नागरिकों को जागरूक किया।
इसी तरह कुसमुंडा, बांकीमोंगरा, उरगा, पताड़ी, रजगामार, मानिकपुर, दीपका, बांगो, दर्री, हरदीबाजार और पाली थाना क्षेत्रों में भी पुलिस टीमों ने स्कूलों, अस्पतालों, बैंकों, बाजारों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों और गांवों में अभियान चलाया।
OTP और UPI PIN किसी से साझा न करने की सख्त समझाइश
पुलिस ने नागरिकों को स्पष्ट रूप से समझाया कि OTP, UPI PIN, पासवर्ड, ATM/बैंक संबंधी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति को न दें। इसके साथ ही अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड नहीं करने तथा फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया के माध्यम से आने वाले लालच भरे ऑफर से सावधान रहने की अपील की गई।
पुलिस ने बताया कि साइबर ठगी के मामलों में थोड़ी सी लापरवाही लोगों की वर्षों की जमा पूंजी पर भारी पड़ सकती है। इसलिए डिजिटल लेनदेन करते समय जल्दबाजी के बजाय सावधानी जरूरी है।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो घबराए नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए। इसके साथ ही cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत भी की जा सकती है।
पुलिस के मुताबिक, ठगी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, ठगी की रकम को रोकने या उसके आगे के लेनदेन पर कार्रवाई की संभावना उतनी ही बढ़ेगी।
कोरबा पुलिस का संदेश साफ है—साइबर दुनिया में एक छोटी सी सावधानी बड़ी ठगी से बचा सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और साइबर अपराध के खिलाफ जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
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