धुनुची नृत्य कर मां दुर्गा से मांगी सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना, ढाक की थाप से भक्तिमय हुआ शिव मंदिर परिसर




कोरबा। शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर एनटीपीसी कोरबा के शिव मंदिर स्थित दुर्गा पंडाल में बंग समाज द्वारा दुर्गा उत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। बंगाली परंपराओं और धार्मिक अनुष्ठानों से सजे इस उत्सव में मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। पंडाल में भक्तिमय वातावरण के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों का सुंदर संगम देखने को मिल रहा है।

इस अवसर पर एनटीपीसी कोरबा के परियोजना प्रमुख किशोर चंद्र पात्र ने सपत्नीक राजश्री के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना कर परिवार, संस्थान और क्षेत्र की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। उन्होंने पारंपरिक विधि-विधान से मां दुर्गा के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त किया।

धुनुची नृत्य ने बांधा समां



बंगाली दुर्गा पूजा की विशिष्ट पहचान धुनुची नृत्य ने उत्सव की रौनक बढ़ा दी। पारंपरिक धुनुची में धूप-धूना लेकर मां दुर्गा की आराधना करते हुए भक्तों ने नृत्य प्रस्तुत किया। ढाक की थाप और पारंपरिक पूजा पद्धति ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया। धुनुची नृत्य के माध्यम से श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के प्रति अपनी आस्था व्यक्त करते हुए सुख, शांति और समृद्धि का वरदान मांगा।हालांकि धुनुची नृत्य अष्टमी तिथि को किए जाने की परंपरा है।
बंगाल की परंपराओं से सजा दुर्गा उत्सव

एनटीपीसी बंग समाज द्वारा आयोजित दुर्गा उत्सव में बंगाल की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की झलक देखने को मिल रही है। मां दुर्गा को बेटी के रूप में मानकर उनका स्वागत और सत्कार करने की परंपरा बंगाली समाज में विशेष महत्व रखती है। पूजा-अर्चना, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से श्रद्धालु इस महापर्व को उत्साहपूर्वक मना रहे हैं।

दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपसी सद्भाव, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को सहेजने का भी अवसर है। एनटीपीसी कोरबा के शिव मंदिर परिसर में आयोजित यह उत्सव श्रद्धा और उल्लास के साथ लोगों को एक सूत्र में जोड़ रहा है।





