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कोरबा जिले में डिजिटल पारदर्शिता की नई शुरुआत, निर्माण कोरबा पोर्टल शीघ्र होगा सार्वजनिक

एक क्लिक में मिलेगी विभागीय निर्माण कार्यों और डीएमएफ के कार्यों की जानकारी

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने सभी विभागों को दिए निर्देश

कोरबा, 15 मार्च 2026/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन और पारदर्शी प्रशासन की नीति को कोरबा जिले में भी सशक्त रूप से अपनाया जा रहा है। इसी कड़ी में जिले में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मज़बूत करने हेतु एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत ने “निर्माण कोरबा” पोर्टल की शुरुआत की प्रक्रिया को तेज कर दिया है। इस अभिनव पोर्टल का उद्देश्य जिले के सभी निर्माण कार्यों को डिजिटल मंच पर लाकर उन्हें आम नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों के लिए अधिक सुगम, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाना है। अब विकास कार्यों की वास्तविक प्रगति कागज़ी फाइलों या मौखिक जानकारी पर निर्भर नहीं रहेगी, प्रत्येक सूचना एक क्लिक में उपलब्ध होगी।
इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा नगर निगम, नगरीय निकायों, जिला पंचायत, ग्रामीण यांत्रिकी सेवाएं, लोक निर्माण विभाग, आदिवासी विकास विभाग, जल संसाधन विभाग सहित सभी निर्माण एजेंसियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले में स्वीकृत किसी भी निर्माण कार्य की समस्त जानकारी अब अनिवार्य रूप से पोर्टल में दर्ज की जाएगी। स्वीकृति से लेकर कार्य प्रारंभ की तिथि, कार्यस्थल,स्वीकृत लागत,प्रगति,निर्माणाधीन स्थिति तथा पूर्णता की जानकारी नियमित रूप से अपडेट की जाएगी। इसके साथ ही प्रत्येक चरण की जियो-टैग्ड तस्वीरें, इंजीनियरों की टिप्पणियाँ और स्थल की वास्तविक स्थिति भी उसी दिन पोर्टल पर अपलोड की जाएँगी।
कलेक्टर ने कहा कि कई बार कागज़ी जानकारी और वास्तविक स्थल की स्थिति में अंतर पाया जाता है-कहीं प्रगति दिखाई जाती है जबकि जमीन पर कार्य प्रारंभ ही नहीं हुआ होता, और कहीं पूर्णता दर्शा दी जाती है जबकि कई कमियाँ शेष रहती हैं। ऐसी विसंगतियों को समाप्त करने तथा जनता के बीच विश्वास बढ़ाने के लिए यह पोर्टल एक अत्यंत प्रभावी माध्यम सिद्ध होगा। पोर्टल में दर्ज प्रत्येक जानकारी वास्तविक समय में अपडेट की जाएगी, जिससे किसी भी विभाग या एजेंसी के लिए कार्य की वास्तविक स्थिति छिपाना संभव नहीं होगा।
निर्माण कोरबा पोर्टल की एक विशेषता यह है कि जिले की सभी परियोजनाओं को जीआईएस-आधारित मानचित्र पर प्रदर्शित किया जाएगा। प्रस्तावित कार्यों को पीले रंग में, निर्माणाधीन कार्यों को हरे रंग में तथा पूर्ण कार्यों को नीले रंग में दर्शाया जाएगा। इससे कोई भी नागरिक एक नज़र में जान सकेगा कि जिले के किस क्षेत्र में कौन-सा कार्य किस चरण में है। फील्ड टीम द्वारा अपलोड की गई जियो-टैग्ड तस्वीरें इस पोर्टल को और अधिक सशक्त बनाती हैं क्योंकि यह केवल जानकारी ही नहीं बल्कि उसका दृश्य प्रमाण भी प्रस्तुत करती हैं।
कलेक्टर ने यह निर्देश भी दिए हैं कि आगामी समीक्षा बैठकों में अब किसी प्रकार के दस्तावेज़ या कागज़ आधारित रिपोर्ट लाने की आवश्यकता नहीं होगी। सभी बैठकें सीधे पोर्टल खोलकर, उपलब्ध डेटा का अवलोकन करते हुए और उसी के आधार पर निर्णय लेते हुए संचालित की जाएँगी। यह प्रक्रिया न केवल समय की बचत करेगी बल्कि निर्णयों को अधिक सटीक और साक्ष्य-आधारित बनाएगी।
यह पोर्टल जिले में डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल सरकारी कार्यप्रणाली आधुनिक होगी, बल्कि जनता और जनप्रतिनिधियों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित होगी। कुछ ही दिनों में यह पोर्टल आम जनता के लिए भी उपलब्ध करा दिया जाएगा, जिसके बाद कोई भी नागरिक अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से किसी भी निर्माण कार्य की स्थिति वास्तविक समय में देख सकेगा। इससे विकास कार्यों की गति बढ़ेगी और जवाबदेही भी और अधिक मज़बूत होगी।
“निर्माण कोरबा” पोर्टल जिले के डिजिटलीकरण, पारदर्शिता और सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरेगा। यह न केवल निर्माण कार्यों की निगरानी को सरल बनाएगा, बल्कि आम नागरिकों में यह विश्वास भी दृढ़ करेगा कि जिला प्रशासन उनके हित में समर्पित रूप से कार्य कर रहा है और विकास की प्रत्येक ईंट पूरी ईमानदारी के साथ रखी जा रही है।

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