कोरबा । दर्री स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय हिंदी माध्यम में गुरुवार को सरस्वती साइकिल योजना के तहत निःशुल्क साइकिल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यालय में अध्ययनरत बालिकाओं को कुल 74 साइकिल वितरित की गईं। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में महापौर संजू देवी राजपूत उपस्थित रहीं। दोनों अतिथियों ने छात्राओं को साइकिल वितरित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।







कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अभिभावक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं शामिल हुए। मंच पर प्राचार्य सहित पार्षदगण और विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, ऊर्जा और बालिकाओं की खुशियों से सराबोर था।
महापौर ने अपने संबोधन में कहा कि साइकिल वितरण योजना का उद्देश्य छात्राओं को विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करना और शिक्षा की निरंतरता बनाए रखना है। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का सीधा लाभ बच्चों तक पहुँच रहा है, जिससे शिक्षा का स्तर लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने कहा कि सफलता किसी स्कूल के नाम से नहीं, बल्कि छात्र की मेहनत, लगन और लक्ष्य के प्रति समर्पण से तय होती है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी विद्यालयों से पढ़कर आज अनेक युवा पुलिस, प्रशासन और उच्च शैक्षणिक पदों तक पहुँचे हैं, इसलिए बच्चों को अपनी क्षमताओं पर विश्वास रखते हुए आगे बढ़ना चाहिए। महापौर ने अभिभावकों से भी अपील की कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालकर उन्हें अपनी पसंद के क्षेत्र का चयन करने की स्वतंत्रता दें।
वहीं कैबिनेट मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य गठन के बाद से शिक्षा समेत सभी क्षेत्रों में व्यापक बदलाव और विकास हुआ है। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक वर्षों में अनेक जनकल्याणकारी योजनाएँ शुरू की गईं, जिनमें किसानों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए राहत उपाय विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे। छात्राओं के लिए साइकिल वितरण जैसी पहल ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा की पहुँच को बढ़ाया है। कुछ वर्षों तक योजनाओं की प्रगति में बाधाएँ आईं, लेकिन अब विकास कार्यों को नई गति मिली है।
उन्होंने कहा कि आज राज्य में शिक्षा नीति को अधिक गुणवत्तापूर्ण और आधुनिक स्वरूप दिया जा रहा है, ताकि बच्चे भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो सकें। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा ही वह अमूल्य धन है, जो व्यक्ति के जीवन को ऊँचाइयों तक ले जाने में सक्षम है। इसी उद्देश्य से अधूरे कार्यों और विद्यालयों के उन्नयन को प्राथमिकता में रखा गया है।
मंत्री ने यह भी कहा कि सरकारी विद्यालयों से निकले अनेक विद्यार्थी देश और राज्य के उच्च पदों पर कार्यरत हैं, जिसके कारण आज सरकारी शिक्षा के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को शिक्षा के अवसर से वंचित न रहने देना समाज और शासन दोनों की जिम्मेदारी है।
छात्राओं ने साइकिल प्राप्त कर अपनी खुशी जाहिर की और विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम की सराहना की। इस अवसर ने एक बार फिर साबित कर दिया कि शिक्षा से जुड़ी योजनाएँ सिर्फ सुविधा ही नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को गति देने का सशक्त माध्यम भी हैं।



