शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचे दर्री के नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी, कार्रवाई से डेयरी संचालकों में मची खलबली; खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल


कोरबा/दर्री। लोगों की थाली में परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जमनीपाली मुख्य मार्ग पर स्थित लक्ष्मी डेयरी में सांभर में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आने के बाद मामला गरमा गया। शिकायत के बाद दर्री के नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और मामले में कार्रवाई की गई। घटना ने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, साफ-सफाई और ग्राहकों की सेहत को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

सांभर में कीड़ा मिलने की शिकायत से मचा हड़कंप
लक्ष्मी डेयरी में सांभर में कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आना सामान्य लापरवाही का मामला भर नहीं है। होटल, डेयरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में भोजन तैयार करने से लेकर उसे ग्राहकों तक परोसने की प्रक्रिया में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। यदि भोजन में बाहरी कीड़ा मिलने की शिकायत सामने आई है तो यह खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

शिकायत पर मौके पर पहुंचे नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी
मामले की शिकायत मिलने के बाद दर्री के नायब तहसीलदार और थाना प्रभारी का मौके पर पहुंचना प्रशासनिक कार्रवाई के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब इस मामले में जांच के निष्कर्ष, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच और संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ की गई कार्रवाई का विवरण सामने आना अहम होगा।
ग्राहकों की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं
खाद्य प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी केवल भोजन परोसने तक सीमित नहीं है। उन्हें साफ- सफाई, सुरक्षित भंडारण और स्वच्छ तरीके से भोजन तैयार करने के नियमों का पालन करना होता है। भोजन में कीड़ा मिलने जैसी शिकायतें उपभोक्ताओं के भरोसे को प्रभावित करती हैं और प्रशासन से प्रभावी निगरानी की अपेक्षा बढ़ाती हैं।
खाद्य विभाग की जांच और कार्रवाई पर नजर
इस घटना के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। यह स्पष्ट होना चाहिए कि संबंधित खाद्य पदार्थ का निरीक्षण और नमूना परीक्षण किया गया या नहीं, खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि हुई या नहीं तथा नियमानुसार क्या कार्रवाई की गई।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि आम नागरिक बाहर भोजन करते समय अपनी सेहत की सुरक्षा को लेकर कितना आश्वस्त रह सकता है? मामले की निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने आने से ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।





