कोरबा। जिला खनिज संस्थान न्यास (DMF) कोरबा के माध्यम से जिले के बेरोजगार युवाओं को रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने के लिए कई अभिनव पहल की जा रही हैं। इन पहलों में आवासीय प्रशिक्षण, सोलर तकनीक की आधुनिक लैब, ड्रोन लैब तथा प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार शुरू करने के लिए टूल किट उपलब्ध कराने की योजनाएं प्रमुख हैं।
जिला कौशल विकास प्राधिकरण के माध्यम से शासकीय प्रशिक्षण केंद्रों में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना एवं प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के तहत विभिन्न ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले युवाओं को प्रशिक्षण में नियमित रूप से शामिल कराने के लिए भोजन एवं आवास की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है। DMF से 660 हितग्राहियों के आवासीय प्रशिक्षण व्यय की स्वीकृति दी गई है। इसमें प्लास्टिक प्रोसेसिंग, इंजेक्शन मोल्डिंग, CNC लेथ, कमर्शियल ड्राइवर, JCB ऑपरेटर, वेल्डर, फिटर, ड्रोन ऑपरेटर, प्लंबर और सोलर हेल्पर जैसे ट्रेड शामिल हैं।
सोलर प्रशिक्षण के साथ मिलेगी टूल किट
लाइवलीहुड कॉलेज कोरबा में Solar Panel Installation एवं Maintenance प्रशिक्षण के लिए लैब को अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए सोलर पैनल किट, इन्वर्टर, बैटरी, चार्ज कंट्रोलर, वायरिंग एवं सुरक्षा उपकरण जैसी सुविधाएं प्रस्तावित हैं। प्रशिक्षण के दौरान इंडक्शन किट और प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार के लिए टूल किट देने की व्यवस्था की गई है।
इस वित्तीय वर्ष में सोलर पैनल इंस्टॉलेशन ट्रेड में 60 हितग्राहियों के प्रशिक्षण का लक्ष्य है, जबकि एक बैच में 30 हितग्राहियों का प्रशिक्षण शुरू हो चुका है। प्रशिक्षण अवधि दो माह प्रस्तावित है।
कोरबा में तैयार होगा ड्रोन स्किल हब
कोरबा में ड्रोन तकनीक के बढ़ते उपयोग को देखते हुए लाइवलीहुड कॉलेज में Drone Lab स्थापित करने की पहल की जा रही है। कृषि सर्वेक्षण, खनन, इंफ्रास्ट्रक्चर सर्वे, भूमि मानचित्रण, सोलर साइट निरीक्षण, 3D मॉडलिंग और वीडियोग्राफी जैसे क्षेत्रों में युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने की योजना है।
प्रस्तावित लैब में Nano एवं Micro Category RPAS, FPV Simulator, Ground Control Station तथा QGIS और Agisoft Metashape जैसे सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रशिक्षण की व्यवस्था की जानी है। इसका उद्देश्य युवाओं और Solar Didi को तकनीकी रूप से सक्षम बनाकर Remote Pilot Certificate (RPC) के लिए तैयार करना है।
वेल्डिंग प्रशिक्षण के बाद स्वरोजगार का रास्ता
वेल्डर ट्रेड में इस वित्तीय वर्ष 60 हितग्राहियों के प्रशिक्षण का लक्ष्य है। वर्तमान में 30 हितग्राहियों का प्रशिक्षण संचालित किया जा रहा है। दो माह के प्रशिक्षण में Welding Technology, ARC Welding, Gas Welding तथा MIG/TIG Welding की जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण के बाद Welding Machine, Helmet, Gloves, Apron, Wire Brush और Chipping Hammer सहित आवश्यक टूल किट उपलब्ध कराने के लिए DMF से राशि स्वीकृत की गई है।
राजमिस्त्री प्रशिक्षण के साथ टूल किट
Rural Mason प्रशिक्षण में भी 60 हितग्राहियों का लक्ष्य निर्धारित है। प्रशिक्षण में Trowel, Spirit Level, Plumb Bob, Measuring Tape, Hammer, Chisel, Bucket एवं Masonry Kit जैसे औजारों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हीं औजारों की टूल किट उपलब्ध कराने के लिए DMF से राशि जारी की गई है।
इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षित युवाओं को प्रशिक्षण के तत्काल बाद स्वरोजगार अथवा ठेका कार्य शुरू करने के लिए आवश्यक साधन उपलब्ध कराना है। दस्तावेज के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की उपलब्धता बढ़ाने और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुधारने के साथ प्रति हितग्राही ₹600 से ₹800 दैनिक आय का लक्ष्य भी रखा गया है।
कुल मिलाकर DMF की यह पहल प्रशिक्षण को केवल प्रमाणपत्र तक सीमित रखने के बजाय उसे रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आ रही है।





