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राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के अनुक्रम में हुआ रमन विश्वविद्यालय में विशाल सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन

सैकड़ो छात्र-छात्राओं एवं विश्वविद्यालय प्रबंधन के अधिकारियों कर्मचारियों ने निभाई सहभागिता

सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति माननीय कुलपति एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह एवं अन्य अभ्यागतों ने दिए विस्तृत व्याख्यान

सभागार में उपस्थित समस्त जनों को दिलाई गई यातायात नियमों के पालन की प्रतिबद्धता पर शपथ

बिलासपुर। भूतल एवं सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा सड़कों पर वाहन चालकों में यातायात नियमों के प्रति व्यापक जानकारी विकसित करने हेतु राष्ट्रीय स्तर पर राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह का आयोजन किया जा रहा है इसी क्रम में पुलिस मुख्यालय के दिशा निर्देश पर राज्य के प्रत्येक जिलों में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का आयोजन अपने बहु आयामी उद्देश्यों को लेकर संचालित की जा रही है बिलासपुर में आदरणीय पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज संजीव शुक्ला एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक  रजनेश सिंह के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के पर्यवेक्षण में नियमित रूप से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूकता प्रदान की जा रही है।
इसी क्रम में शनिवार को रमन विश्वविद्यालय कोटा बिलासपुर में सड़क सुरक्षा माह 2026 के अनुक्रम में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें माननीय कुलपति डॉ प्रदीप कुमार घोष, कुल सचिव डॉ अरविंद कुमार तिवारी, समकुलपति डॉ जयति चटर्जी के गरिमामयी उपस्थिति में मुख्य अतिथि के तौर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने सड़क सुरक्षा पर 4 E (4 ई)  के बारे में विस्तृत जानकारियां प्रदान किये। जिसके तहत इंजीनियरिंग, एजुकेशन, एनफोर्समेंट एवं इमरजेंसी स्वास्थ्य सर्विस को विस्तार से समझाते हुए विश्वविद्यालय परिसर में छात्र-छात्राओं को यातायात बिलासपुर में इंजीनियरिंग सुधार के परिणाम स्वरूप दुर्घटना जन्य 6 ब्लैक स्पॉट में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में आई कमी के बारे में जानकारी दिए और साथ ही यह भी बताया की यातायात पुलिस बिलासपुर के द्वारा विभिन्न विभागों से समन्वय कर की गई इंजीनियरिंग  समाधान कारक सुधार एवं प्रयास के परिणाम स्वरूप अत्यधिक दुर्घटना जन क्षेत्र अर्थात ब्लैक स्पॉट की संख्या में 50% की कमी आई है। अर्थात 6 में से तीन ब्लैक स्पॉट को इंजीनियरिंग सुधार एवं लगातार जागरूकता एवं इंफोर्समेंट की कार्यवाही के माध्यम से ब्लैक स्पॉट के पैमाने से हटाए गए है।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर में पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष सड़क दुर्घटनाओं में वाहन चालकों की मृत्यु के आंकड़ों में 20% की कमी परिलक्षित हुई है जिसके लिए यातायात पुलिस बिलासपुर की कठोर, सख्त एवं प्रभावी कार्यवाही एवं आम नागरिकों के जन सहयोग से विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से लगातार जन-जन में यातायात नियमों के प्रति संवेदनशीलता एवं अनुशासन विकसित कर लोगों को अनुशासित आवागमन हेतु प्रेरित करने का परिणाम है।

उन्होंने बताया कि यातायात एजुकेशन के तहत जागरूकता कार्यक्रम के विभिन्न माध्यमों का उपयोग करते हुए लाखों की संख्या में बिलासपुर जिले में प्रत्येक दिन लोगों को जागरूक की जा रही है जिसके तहत उन्होंने बताया कि जिले में 23 जगह पर लगे हुए का पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम जिसके माध्यम से लगातार प्रत्येक चौक चौराहे एवं मुख्य मार्गों पर यातायात मुख्यालय एवं कंट्रोल एन्ड कमाण्ड सेंटर के द्वारा नियमित रूप से अनाउंसमेंट करते हुए लोगों को यातायात नियमों के पालन करने हेतु प्रोत्साहित की जा रही है वहीं उल्लंघन की स्थिति में प्रत्यक्ष रूप से व्यक्ति को संकेत करते हुए सुधार हेतु हिदायत दी जाती है। इसी के साथ सभी चौक चौराहे पर झिंगल एवं एफ एम रेडियो, ऑरेंज रेडियों,  आकाशवाणी आदि के माध्यम से लोगों को नियमित जागरूक किया जा रहा है।

वहीं इसके तहत लगातार व्हाट्सएप, फेसबुक, ट्विटर (X) इंस्टाग्राम आदि के माध्यम से समय-समय पर ऑनलाइन आकर के आम नागरिकों के साथ सीधा संवाद करते हुए यातायात नियमों के जानकारी को संवेदनशील तरीके से बताते हुए आम नागरिकों की समस्या भी सुनी जा रही है जिसको त्वरित निराकृत करते हुए सुगम एवं सुरक्षित आवागमन का प्रयास किया जा रहा है।

जिले में एनफोर्समेंट की कार्रवाई करते हुए यातायात नियमों की उल्लंघन कर्ता वाहन चालकों पर सड़क दुर्घटनाओं की प्रभाबी रोकथाम एवं नियंन्त्रण हेतु 90545 लोगों पर चालानी कार्यवाही की जानकारी दिए। उन्होंने वर्तमान में भारत शासन के द्वारा कैशलेस उपचार योजना के बारे में भी आम नागरिकों को संदेश प्रसारित किये जिसके तहत जिले के अधिकांश स्वास्थ्य संस्थाएं नामांकित हो चुके हैं जहां पर किसी भी सड़क दुर्घटना में आहत व्यक्ति को तत्काल पहुंचाकर डेढ़ लाख रुपए तक की निःशुल्क उपचार कराई जा सकती है। इसकी जानकारी दिए। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में आहत व्यक्ति को स्वर्णिम समय ( गोल्डन पीरियड) पर अस्पताल पहुंचने वाले को गुड़ सेमेरिटन अर्थात नेक इंसान के रूप में पुरस्कृत करते हुए 25000/- की प्रोत्साहन राशि के बारे में भी शासन की योजनाओं से अवगत कराए। जिसमें विशेष प्रकरण में और भी राशि से सम्मानित की जा सकती है। साथ ही उन्होंने अज्ञात वाहनों से सड़क दुर्घटना के परिणाम स्वरूप जान गंवाने वाले वाहन चालकों को विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से क्षतिपूर्ति मिलने के संबंध में विस्तृत जानकारी दिए।

इस दौरान उन्होंने चेतना अभियान के विभिन्न आयामों के संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए लोगों को यातायात नियमों के गंभीरता पूर्वक पालन, साइबर फ्रॉड से बचाव हेतु सदैव सतर्क रहने की हिदायत तथा महिला एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों के संबंध में तत्काल ही नजदीकी पुलिस सहायता केंद्र को सूचना देने व इस हेतु महिला एवं बच्चों में घटित होने वाले अपराधों के संबंध में विस्तार से जानकारी दिए तथा युवाओं में फैलती हुई जहर के रूप में नशा के बारे में चर्चा करते हुए युवाओं को इससे दूर रहने हेतु लक्ष्य निर्धारित करके सकारात्मक ऊर्जा की ओर अपने ध्यान लगाने हेतु संदेश दिए।

वर्तमान में न्यूक्लियर फैमिली के कारण बुढ़ापे में अकेलेपन की जीवन जीने को मजबूर माता-पिता, अभिभावकों के प्रति युवाओं की संवेदनशीलता बनाए रखने हेतु विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों को समझाइस दिए, वही समाज में फैल रही संगठित अपराधों की जड़ों को समाप्त करने हेतु युवाओं को सदैव अच्छे कार्यों में अपने ऊर्जा को उपभोग करने हेतु समझाइस दिए।

आगामी देश के भविष्य किशोर व बच्चों में खेल-खेल में सकारात्मक ऊर्जा के संचार हेतु चेतना अभियान के तहत “आओ सवारी कल अपना” के बारे में चर्चा करते हुए उन्होंने नन्हे बच्चों को मोबाइल के गिरफ्त एवं प्रभाव से दूर रखने हेतु समाज से आह्वान किये।

माननीय कुलपति डॉ प्रदीप घोष रमन विश्वविद्यालय ने यातायात बिलासपुर के द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सराहनीय बताते हुए सभी युवाओं को यातायात पुलिस बिलासपुर के संवाहक के रूप में सदैव सहयोगी एवं सहगामी बनकर सड़क दुर्घटनाओं में देश के सर्वाधिक प्रभावित 65% युवाओं को सड़क दुर्घटनाओं में आकस्मिक अचानक एवं असमय जनहानि को कम करने का आह्वान किया।

इस दौरान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे के द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में सड़क दुर्घटना के प्रमुख कारणों का उल्लेख करते हुए नागरिकों को वाहन चलाते समय सदैव यातायात नियमों का पालन करने, शराब एवं नशे में वाहन नहीं चलाने, तेजी एवं लापरवाही पूर्वक वाहन नहीं चलाने, मोबाइल का उपयोग करते हुए वाहन नहीं  चलाने, माल वाहन यानो में यात्री सवारी बैठक वाहन नहीं चलाने, स्टंटिंग नहीं करने, व सदैव वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का उपयोग करने के संबंध में विस्तार पूर्वक व्याख्यान देते हुए आम नागरिकों से सरल, सुगम सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित आवागमन हेतु सामाजिक सरोकार की भूमिका को संवेदनशीलता के साथ निभाकर प्रत्येक वर्ष होने वाले सड़क दुर्घटनाओं में नियंत्रण पाने हेतु प्रत्येक जागरूकता कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील किया, तथा उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं को यातायात विभाग के संवाहक के रूप में कार्य करते हुए आम नागरिकों में यातायात नियमों को एक जन जागरूकता के रूप में व्यापक स्तर पर मिशन बनाकर कार्य करने हेतु अपील किया वहीं सेवानिवृत्ति उप निरीक्षक उमाशंकर पांडे के द्वारा सभागार में उपस्थित समस्त जनों को यातायात नियमों के प्रति प्रतिबद्धता पूर्वक पालन हेतु शपथ दिलाई गई।
इस दौरान उक्त वक्ताओं सहित विश्वविद्यालय प्रबंधन के समस्त वरिष्ठ अधिकारी गण, पुलिस अनुविभागीय अधिकारी  नूपुर उपाध्याय, थाना प्रभारी चौहान एवं अन्य अधिकारी कर्मचारीगण तथा विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र छात्राओं ने अधिकाधिक संख्या में सहभागिता निभाई।

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