
“मैं हूं साइबर शिक्षक” अभियान में 800 से अधिक सेल्फी, शिक्षकों को बनाया साइबर जागरूकता का वाहक
जांजगीर-चांपा। शिक्षक दिवस के अवसर पर जांजगीर-चांपा पुलिस ने साइबर जागृति अभियान के चतुर्थ सप्ताह के तहत जिलेभर में विशेष साइबर जागरूकता अभियान चलाया। पुलिस अधीक्षक श्री विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य शिक्षकों, विद्यार्थियों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना रहा।
अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न स्कूलों एवं शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी पुलिस अधिकारी या अन्य सरकारी अधिकारी बनकर किए जाने वाले कॉल, OTP तथा बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी साझा करने के खतरों के बारे में जानकारी दी।
“मैं हूं साइबर शिक्षक” बना अभियान का आकर्षण
शिक्षक दिवस पर पुलिस ने “मैं हूं साइबर शिक्षक” पहल के जरिए शिक्षकों को साइबर सुरक्षा का संदेश समाज तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। शिक्षकों और नागरिकों ने इस अभियान के समर्थन में सेल्फी लेकर सोशल मीडिया पर साझा कीं। पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान 800 से अधिक सेल्फी सोशल मीडिया पर अपलोड की गईं, जिससे साइबर सुरक्षा का संदेश बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा।
पुलिस का मानना है कि शिक्षक समाज में जागरूकता फैलाने की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। इसी उद्देश्य से शिक्षकों को “साइबर शिक्षक” के रूप में जोड़कर विद्यार्थियों, अभिभावकों और आम नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने का संदेश दिया गया।
एसपी ने शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर दिया संदेश
इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय स्वयं ग्राम सरखो स्थित उत्कृष्ट कॉलेज तथा जांजगीर के प्रदान अकादमी कोचिंग सेंटर पहुंचे। उन्होंने छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों से बचाव के उपाय बताए और “मैं हूं साइबर शिक्षक” के तहत सेल्फी लेकर साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया।
अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात उदयन बेहार सहित जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस अधिकारी-कर्मचारी सक्रिय रूप से शामिल हुए। पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों में पहुंचकर साइबर सुरक्षा को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, ATM/डेबिट-क्रेडिट कार्ड की जानकारी, बैंकिंग पासवर्ड, PIN या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। फोन पर पुलिस अधिकारी, CBI, ED, RBI या अन्य सरकारी एजेंसी का अधिकारी बनकर धमकाने और वीडियो कॉल के जरिए “डिजिटल अरेस्ट” करने वाले लोगों से सावधान रहें।
यदि साइबर ठगी हो जाए तो समय गंवाए बिना तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें, ताकि ठगी की रकम को रोकने के लिए समय रहते कार्रवाई की जा सके।
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