
बिलासपुर। नए शैक्षणिक सत्र में विद्यार्थियों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात पुलिस बिलासपुर ने परिवहन एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त रूप से रविवार को पुलिस परेड ग्राउंड में स्कूल बसों का विशाल निरीक्षण एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित किया। शिविर में जिले के विभिन्न स्कूलों की 200 से अधिक बसों की मैकेनिकल जांच, दस्तावेजों का सत्यापन तथा चालक-परिचालकों का स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण किया गया।

पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के नेतृत्व में आयोजित इस अभियान में सभी शिक्षण संस्थानों के बस प्रभारी, चालक एवं परिचालकों को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।

सुरक्षा मानकों की हुई गहन जांच
संयुक्त टीम ने स्कूल बसों के टैक्स, फिटनेस, बीमा, परमिट, स्पीड गवर्नर प्रमाण पत्र, जीपीएस, प्रदूषण प्रमाण पत्र सहित सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की। साथ ही बसों की तकनीकी स्थिति का परीक्षण कर सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया गया।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि जिन स्कूल बसों में आवश्यक दस्तावेज अधूरे पाए जाएंगे या सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जाएगा, उनके विरुद्ध कार्रवाई करते हुए बसों का परमिट निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। सभी स्कूल प्रबंधन को जल्द से जल्द कमियों को दूर करने के निर्देश दिए गए हैं।
चालक-परिचालकों को दिए गए विशेष निर्देश
शिविर के दौरान बस चालकों एवं परिचालकों को सुरक्षित और जिम्मेदार तरीके से वाहन संचालन, नियमित मैकेनिकल जांच, निर्धारित गति सीमा का पालन तथा विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने कहा कि बसों में किसी भी प्रकार की तकनीकी खराबी को तत्काल दूर किया जाए, ताकि सड़क पर कोई अप्रिय घटना न हो।
इस संयुक्त अभियान में परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जिला अस्पताल और यातायात पुलिस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। पुलिस का कहना है कि भविष्य में भी स्कूल वाहनों की नियमित जांच अभियान जारी रहेगा, ताकि बच्चों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित की जा सके।




