
कोरबा।25 मार्च 2026 बुधवार को नगर पालिक निगम कोरबा के पुनरीक्षित बजट वर्ष 2025-26 एवं बजट वर्ष 2026-27भारी बहुमत से पारित हुआ। निगम के बजट सहित कुल 03 प्रस्ताव बहुमत से पास किये गये, जबकि 05 प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हुये, वहीं बुधवारी बाजार पुनर्विकास परियोजना संबंधी 01 प्रस्ताव फिलहाल होल्ड पर रखा गया है।
नगर निगम के बजट सत्र में चल रही बहस उस वक्त अचानक सियासी तूफान में बदल गई जब सदन के भीतर “कबाड़ कारोबारी” विरुद्ध विगत दिनों किए गए कार्यवाही का मुद्दा गूंज उठा। माहौल तब और गरमा गया जब सत्ता पक्ष के पार्षद चंद्रलोक सिंह और लक्ष्मण श्रीवास ने कांग्रेस पार्षद रवि चंदेल पर सीधे तौर पर अवैध कबाड़ कारोबार से जुड़े व्यक्ति का समर्थन करने का आरोप जड़ दिया।

आरोप लगते ही विपक्षी खेमे ने कड़ा विरोध जताया और देखते ही देखते सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक इतनी बढ़ी कि कुछ देर के लिए कार्यवाही का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण देखा गया।

सत्ता पक्ष जहां अपने आरोपों पर अड़ा रहा, वहीं विपक्ष ने इसे बेबुनियाद बताते हुए पलटवार किया। आरोप-प्रत्यारोप के बीच सदन में शोर-शराबा बढ़ता गया और बहस मुद्दे से भटककर सीधे सियासी टकराव में बदल गई।बहस के दौरान महापौर संजूदेवी राजपूत सहित
बहस के दौरान महापौर संजूदेवी राजपूत ने कमान संभालते हुए कलेक्टर कुणाल दुदावत,आयुक्त आशुतोष पांडेय और पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी का जमकर सराहना की।उन्होंने कहा अवैध गतिविधियों,अवैध कारोबार अवैध कब्जा धारियों के विरुद्ध कार्यवाही कर अधिकारियों एक संदेश दिया की जिले में इस तरह का कार्य कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।इस कार्यवाही का आप सभी को भी समर्थन के साथ सराहना करनी चाहिए ताकि अधिकारी प्रोत्साहित हो।अगर बुरे काम का आलोचन करते हैं तो अच्छे कार्य का सराहना भी करना भी सीखें।महापौर के इस हस्तक्षेप के बाद पार्षद रवि चंदेल घिरते नजर आए हालांकि वो भी अपने बातों पर अड़े रहे और कहा अपराध को घृणा करें अपराधी को नहीं।
लोगों में अब ये चर्चा है की पक्ष हो या विपक्ष हमेशा अधिकारियों को निशाना बनाते हैं लेकिन ये पहली बार हुआ है कि पक्ष के लोग अधिकारियों की नेक कार्य का खुल कर सराहना कर रहें हैं जो स्वागत योग्य है।



