मोबाइल वापस पाकर वास्तविक स्वामियों ने कोरबा पुलिस का जताया आभार, साइबर जागृति अभियान के तहत किया गया जागरूक

कोरबा। चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए कोरबा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की गई है। पुलिस ने तकनीकी जांच और साइबर टीम की सक्रियता से बरामद किए गए 20 लाख रुपये से अधिक कीमत के मोबाइल फोन उनके वास्तविक स्वामियों को वापस लौटाए। लंबे समय से मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगाए लोगों को जब उनका फोन मिला तो उनके चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। मोबाइल स्वामियों ने पुलिस की इस पहल के लिए आभार जताया।


यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के मार्गदर्शन में की गई। अभियान में साइबर डीएसपी रजत नाग, डीएसपी आस्था शर्मा,निरीक्षक ललित चंद्रा, उप.नि.अजय सोनवानी एवं साइबर थाना टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

तकनीकी जांच से तलाशे गए मोबाइल
पुलिस टीम द्वारा चोरी एवं गुम हुए मोबाइल फोन की जानकारी जुटाकर तकनीकी माध्यमों से उनकी लगातार तलाश की गई। अलग-अलग स्थानों पर उपयोग किए जा रहे मोबाइल की तकनीकी जानकारी के आधार पर उन्हें ट्रेस कर बरामद किया गया। इसके बाद आवश्यक सत्यापन के पश्चात मोबाइल फोन वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए।
मोबाइल मिलने पर लोगों ने जताया पुलिस का आभार

मोबाइल वापस मिलने पर स्वामियों ने कोरबा पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। लोगों ने कहा कि मोबाइल में निजी जानकारी, संपर्क और जरूरी दस्तावेजों से संबंधित जानकारी होने के कारण मोबाइल खोना उनके लिए बड़ी परेशानी का कारण था। पुलिस की कार्रवाई से उन्हें न केवल आर्थिक नुकसान से राहत मिली, बल्कि उनका महत्वपूर्ण डेटा भी वापस मिला।
मोबाइल के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश भी
मोबाइल वितरण के दौरान पुलिस द्वारा लोगों को साइबर जागृति अभियान के तहत साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी भी दी गई। नागरिकों को अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करने, OTP एवं बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने, संदिग्ध कॉल से सावधान रहने तथा ऑनलाइन ठगी की स्थिति में तत्काल शिकायत करने के लिए जागरूक किया गया।
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल पुलिस को सूचना दें और उपलब्ध तकनीकी माध्यमों का उपयोग कर उसकी रिपोर्ट दर्ज कराएं। पुलिस का उद्देश्य न केवल चोरी और गुम हुए मोबाइल की बरामदगी करना है, बल्कि नागरिकों को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक और सतर्क बनाना भी है।





