
अम्बिकापुर, 29 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ के सरगुजा में आयोजित हो रहे देश के पहले ‘खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स’ में झारखंड की बेटी पूनम उरांव ने स्वर्णिम सफलता हासिल की है। चतरा जिले की रहने वाली और उरांव जनजाति का गौरव बढ़ाने वाली पूनम ने 50 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
चोट को मात देकर 8 साल बाद की ऐतिहासिक वापसी
पूनम की यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनके अदम्य साहस और धैर्य की कहानी है। वर्ष 2019 में दिल्ली नेशनल के दौरान लगी गंभीर चोट के कारण पूनम को लंबे समय तक रिंग से दूर रहना पड़ा था। मांसपेशियों पर ‘टेपिंग’ के बावजूद, उन्होंने अखाड़े में अपने प्रतिद्वंद्वियों को अपनी तकनीक और मानसिक दृढ़ता से परास्त किया। पूनम ने अपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए कहा, यह मेरे लिए एक भावुक क्षण है। 8 साल के लंबे अंतराल और चोट के संघर्ष के बाद, इस पहले ट्राइबल गेम्स में गोल्ड जीतना मेरे और मेरे परिवार के लिए गर्व की बात है।
किसान की बेटी का अंतर्राष्ट्रीय लक्ष्य
राँची के खेलगाँव में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही पूनम एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता ने ही उन्हें कुश्ती के ट्रायल्स के लिए प्रोत्साहित किया था। पूनम ने अपनी इस सफलता का श्रेय अपने कोच को देते हुए कहा कि है, उन्होंने उनके कठिन समय में उनका साथ दिया।
पूनम की भविष्य की तैयारी
स्वर्ण पदक जीतने के बाद पूनम का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर है। उनका अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में ही आयोजित होने वाले ‘जूनियर नेशनल्स’ में उत्कृष्ट प्रदर्शन करना है, ताकि वह अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तिरंगा लहरा सकें।



