छत्तीसगढ़

04 माह के बच्चे को छीनने वाले अनावेदक (पिता) को दो दिन के अंदर आयोग में बच्चे को लेकर आने का दिया  कड़ा निर्देश

बुर्जुग मां को बेटा-बहू करते थे परेशान आयोग ने दी न्यायालय जाने की सलाह

रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक एवं सदस्यगणों सरला कोसरिया,लक्ष्मी वर्मा, ओजस्वी मंडावी एवं सुश्री दीपिका शोरी ने छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग के कार्यालय रायपुर में महिला उत्पीड़न से संबंधित प्रकरणों पर सुनवाई की। आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में प्रदेश स्तर पर आज 295…. वी. सुनवाई हुई। रायपुर जिले में 141 वी. जनसुनवाई ।

आज की सुनवाई के दौरान एक प्रकरण में आवेदिका ने बताया की उसे कार्यस्थल पर अनावेदकगणों द्वारा प्रताड़ित किया जा रहा था, आवेदिका अनावेदकगणों की संस्था में 15 वर्षों से कार्यरत् है। स्कूल की अध्यक्ष जो आवेदिका से साथ कार्य कर रही थी उसे अनावेदकगणों ने जांच में गडबडी पाये जाने पर कार्य से निकाल दिया, जिसकी सूचना आवेदिका को नही थी।आवेदिका ने बताया कि अनावेदकगणों द्वारा हिसाब मांगने व हस्ताक्षर को लेकर आवेदिका के साथ गाली-गलौच व मारपीट किया और आवेदिका को 1 माह का वेतन भी नही दिया गया। आयोग ने यह निर्देश दिया कि दोनो पक्ष अपने अपने दस्तावेज लेकर आयोग में उपस्थित हो ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

एक प्रकरण के दौरान बुर्जुग आवेदिका ने बताया कि उसका बेटा-बहू उससे दुर्व्यव्हार करते है और आवेदिका के नाम के मकान में ही निवास कर शारीरिक व मानसिक रूप से अत्याचार कर रहे है। आयोग ने कहा कि ऐसी स्थिति में दोनो अनावेदक (बेटा-बहू) के खिलाफ आवेदिका घरेलू हिंसा का मामला न्यायालय में दर्ज करवा सकती है व आयोग ने अनावेदकगणों को समझाईश देते हुए कहा कि वह तत्काल आवेदिका के मकान को खाली करें अन्यथा उनके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जायेगी।

एक प्रकरण में अनावेदक ने आवेदिका के दोनो बच्चों 2 वर्ष और 4 माह को आवेदिका से छीनकर अपने पास रख लिया था. आयोग के द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए अनावेदक को बुलाया गया। अनावेदक अपने 2 वर्ष के बच्चे को लेकर उपस्थित हुआ और 4 माह के बच्चे को वह झांसी से 200 कि.मी. दूर अपनी बुआ के पास छोड़ आया है। आयोग की समझाईश पर दोनो पक्ष साथ रहने को तैयार है। अनावेदक को निर्देशित किया गया कि 13.12.2024 को अपने 4 माह के बच्चे को लेकर आयोग में उपस्थित हो, तब प्रकरण पर अंतिम निर्णय लिया जायेगा।

एक अन्य प्रकरण में आवेदिका ने बताया कि आवेदिका की मां ने मकान उसके नाम पर रजिस्ट्री किया था, लेकिन अनावेदकगण आवेदिका से गुंडागर्दी करते है इसलिए आवेदिका मकान में नहीं रह पा रही है। अनावेदिका का कहना है कि आवेदिका ने अपनी मां से धोखे से रजिस्ट्री करवाई थी। आयोग ने कहा कि आगामी सुनवाई में स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी अनावेदकगणों को उपस्थित किया जाना अनिवार्य है ताकि प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

अन्य प्रकरण में दोनो पक्षों को सुना गया जिसमें आवेदिका ने बताया कि आवेदिका के नाम के मकान में अनावेदक (पति) रहता है उनकी 23 वर्ष की पुत्री है। आवेदिका ने कहा कि अनावेदक (पति) उससे दुर्व्यवहार करता है। आयोग के सामने भी अनावेदक ने बत्तमीजी से बात किया जिसे आयोग के सदस्यों ने भी देखा। अगली सुनवाई में आवेदिका और अनावेदक को अपनी पुत्री को आयोग में उपस्थित करने को कहा गया, जिससे प्रकरण का निराकरण किया जा सके।

newsagradoot

News Agradeoot is a trusted Hindi news website delivering the latest breaking news, local updates, national headlines, and in-depth analysis from India and around the world. We focus on politics, education, technology, business, entertainment, and social issues, providing accurate, fast, and unbiased journalism. Our mission is to keep readers informed with reliable news, fact-checked stories, and real-time updates. News Agradeoot believes in responsible digital journalism and reader-first reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button