
कोरबा। छत्तीसगढ़ प्रदेश में इन दिनों किसानों सहित आम जनता भी जल,जंगल,जमीन बचाने शासन, प्रशासन से गुहार लगा रहें हैं बाबजूद उनके गुहार को नजरअंदाज किया जा रहा है।जिसके चलते प्रदेश में हिंसक झड़प भी हो रहा है। ग्रामीणों के विरोध के बाद भी प्रस्तावित कंपनियों द्वारा अपने अड़ियल रवैये के चलते पेड़ कटाई,अवैध कब्जा जैसा मामले को लेकर हाल ही में सरगुजा और रायगढ़ में हिंसक झड़प में कई अधिकारी,कर्मचारी सहित आम जनता को गंभीर चोटे आई।बाबजूद न शासन न प्रशासन इस तरह के मामले को गंभीरता से ले रहें हैं।
जनपद पंचायत कोरबा के अधीन ग्राम पंचायत दोनद्रों के सरपंच सहित ग्रामीण सोमवार को कलेक्टर जनदर्शन पहुंचे थे और लिखित रूप से बालको द्वारा उनके ग्राम पंचायत के जमीन को अवैध रूप से कब्जा कर बाउंड्रीवाल बनाने की शिकायत की गई है।उनके शिकायत पत्र में बालको प्रबंधन के अधिकारी देव आशीष दास, सी.एस.आर. हेड वेदांता बालको, सुमन सिंह, वेदांता बालको. मेंटनेंस हेड बालको टाऊनशिप, अभय राज सिंह, राजेश सिंह, रंजीत सिंह द्वारा दादागिरी करने,अभद्र भाषा में गाली-गलौच करने की उल्लेख किया गया है और अवैध कब्जा कर निर्माण को स्थगित करने की मांग की गई है।उनका कहना है की अगर ग्रामीणों की शिकायत को गंभीरता से लेकर समस्या का निराकरण नहीं किया जाता है तो जनप्रतिनिधि सहित ग्रामीण उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने को बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
इस संबंध में हमने बालको के जनसंपर्क अधिकारी विजय बाजपेई से बालको के पक्ष जानने दूरभाष से संपर्क करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया फिर उनसे व्हाट्सएप मैसेज कर पूछा गया तो उन्होंने खबर लिखे जाने तक कोई जवाब नहीं दिया या जानबूझ कर जवाब देना उचित नहीं समझा ये तो वो ही जानेंगे।
अब देखने वाली बात ये होगी की जिला प्रशासन इस समस्या का निराकरण कैसे करती है।



