featuredकोरबाछत्तीसगढ़

बिहान से जागी आत्म निर्भरता की अलख, महिलाएं बन रहीं सशक्त और सक्षम

लखपति दीदी बनकर उभरीं सावित्री बिस्वास, गांव में बनीं बदलाव की पहचान’

सफलता से प्रेरित होकर महिलाएं भी बढ़ीं स्वरोजगार की ओर’

कोरबा 19 मार्च 2026/कभी अभावों और आर्थिक तंगी में गुजर-बसर करने वाली एक साधारण ग्रामीण महिला, आज अपनी मेहनत और हौसले के दम पर सफलता की नई इबारत लिख रही है। अवसर मिला, तो उसे पहचाना; मार्गदर्शन मिला, तो उसे अपनाया और फिर एक समय आया जब पीछे मुड़कर नहीं देखा। यह कहानी है सावित्री बिस्वास की, जिनका जीवन बिहान योजना के सहयोग से संघर्ष से सफलता की प्रेरक यात्रा बन गया है। राज्य सरकार द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत संचालित बिहान योजना का प्रभाव अब गांव-गांव में दिखाई देने लगा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें प्रशिक्षण, वित्तीय सहयोग और स्वरोजगार के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी सशक्त पहचान स्थापित कर रही हैं।
इसी कड़ी में विकासखण्ड कोरबा के ग्राम पंचायत गुरमा की निवासी सावित्री बिस्वास आज एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर उभरी हैं। एक समय था जब सीमित आय, आर्थिक असुरक्षा और स्थायी आजीविका के अभाव में उनका जीवन संघर्षों से घिरा हुआ था। परिवार की जिम्मेदारियों और संसाधनों की कमी के कारण जीवनयापन कठिन हो गया था, लेकिन स्व-सहायता समूह से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने नया मोड़ लिया। बिहान योजना के अंतर्गत उन्हें वित्तीय साक्षरता, समूह प्रबंधन, उद्यम विकास एवं आजीविका संवर्धन से जुड़े विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त हुए, जिससे उनमें आत्मविश्वास का संचार हुआ। जिला प्रशासन और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के सहयोग से उनके समूह को बैंकिंग प्रणाली से जोड़ा गया, जिससे रिवॉल्विंग फंड, सामुदायिक निवेश निधि एवं बैंक ऋण की सुविधा मिली। उन्होंने अपने छोटे से किराना दुकान से व्यवसाय की शुरुआत की। लगभग 60 हजार रुपये से फैंसी स्टोर और किराना दुकान शुरू करते हुए उन्होंने धीरे-धीरे अपने व्यवसाय का विस्तार किया। एक लाख रुपये लेकर चप्पल दुकान खोली और आय बढ़ाने के लिए सीएलएफ से दो लाख रुपये का ऋण लेकर कृषि केंद्र का दुकान स्थापित किया। आगे अवसर को पहचानते हुए उन्होंने बैंक एवं सीएलएफ से लगभग 6 लाख रुपये का ऋण लेकर मेडिकल दुकान और कृषि सेवा केंद्र का विस्तार किया।
आज वे फैंसी स्टोर, कपड़ा दुकान, चप्पल दुकान, राशन दुकान, बर्तन दुकान, मेडिकल स्टोर एवं कृषि सेवा केंद्र सहित विभिन्न गतिविधियों का सफल संचालन कर रही हैं। उनके निरंतर परिश्रम, सही मार्गदर्शन और समय-समय पर मिली वित्तीय सहायता का ही परिणाम है कि उनकी वार्षिक आय लगभग 7.70 लाख रुपये तक पहुंच चुकी है। इस आर्थिक सशक्तिकरण का सकारात्मक प्रभाव उनके परिवार पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उनके बच्चों को बेहतर शिक्षा और अवसर मिल रहे हैं एक बच्चा बी. फार्मेसी, बेटी बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कर रही है, वहीं छोटा बच्चा चॉइस सेंटर का संचालन कर आत्मनिर्भर बन रहा है। यह उपलब्धि उनके लिए गर्व और संतोष का विषय है।
श्रीमती बिस्वास अब सामाजिक रूप से भी सशक्त हो चुकी हैं। वे अपने गांव की अन्य महिलाओं को स्व-सहायता समूह से जुड़ने, बचत करने और स्वरोजगार अपनाने के लिए प्रेरित कर रही हैं। उनके प्रयासों से प्रेरित होकर गांव की कई महिलाएं किराना दुकान, होटल संचालन, कपड़ा एवं चप्पल व्यवसाय जैसे कार्यों से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं। उन्होंने अपनी इस सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राज्य सरकार, जिला प्रशासन कोरबा को देती हैं, जिनके सहयोग और मार्गदर्शन से उनका जीवन बदला और वे आत्मनिर्भर बन सकीं।

newsagradoot

News Agradeoot is a trusted Hindi news website delivering the latest breaking news, local updates, national headlines, and in-depth analysis from India and around the world. We focus on politics, education, technology, business, entertainment, and social issues, providing accurate, fast, and unbiased journalism. Our mission is to keep readers informed with reliable news, fact-checked stories, and real-time updates. News Agradeoot believes in responsible digital journalism and reader-first reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button