
UPI फ्रॉड, बैंकिंग ठगी, OTP और फर्जी लिंक से बचने के बताए तरीके — कोरबा पुलिस का साइबर जागृति अभियान जारी




कोरबा, 20 अगस्त 2026। साइबर अपराधों से बचाव और विद्यार्थियों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कोरबा पुलिस द्वारा चलाए जा रहे साइबर जागृति अभियान के तहत गुरुवार को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। अभियान के दौरान करीब 3000 छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के विभिन्न तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दी गई।

यह अभियान पुलिस अधीक्षक कोरबा सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में चलाया जा रहा है। अभियान के तहत थाना कोतवाली,बालको,दर्री,दीपका,बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार एवं चैतमा पुलिस टीमों द्वारा विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर विद्यार्थियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।


इन संस्थानों में पहुंची पुलिस टीम



थाना सिविल लाइन क्षेत्र के विभिन्न कोचिंग संस्थानों, पाली के शासकीय हाई स्कूल, स्वामी आत्मानंद स्कूल पोड़ी, कटघोरा के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतवाली क्षेत्र के कमला नेहरू महाविद्यालय, दीपका के शासकीय महाविद्यालय, बांकीमोंगरा के शासकीय नवीन महाविद्यालय एवं हायर सेकेंडरी स्कूल, दर्री क्षेत्र के आईटीआई कॉलेज, स्वामी आत्मानंद स्कूल अयोध्यापुरी तथा लेमरू के एकलव्य विद्यालय देवपहरी में पुलिस टीमों ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए।

कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं को UPI फ्रॉड, बैंकिंग फ्रॉड, ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, सोशल मीडिया आधारित अपराध, संदिग्ध लिंक, फर्जी वेबसाइट एवं APK फाइलों से होने वाले साइबर अपराधों के बारे में विस्तार से समझाया गया।

OTP और UPI PIN किसी से साझा न करें

पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने विद्यार्थियों को समझाइश देते हुए कहा कि OTP, UPI PIN, ATM/डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी, पासवर्ड एवं बैंकिंग डिटेल किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ साझा न करें। किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड करने या फर्जी वेबसाइट पर अपनी निजी एवं बैंकिंग जानकारी दर्ज करने से बचें।

पुलिस टीमों ने विद्यार्थियों को यह भी बताया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर उनके बैंक खातों से रकम निकाल रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है।

ठगी होने पर तत्काल 1930 पर करें शिकायत

कोरबा पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें अथवा cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन रिपोर्ट दर्ज करें। पुलिस के अनुसार ठगी के तुरंत बाद शिकायत किए जाने पर ठगी की राशि को रोकने/वापस दिलाने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और साइबर अपराध के प्रति स्वयं जागरूक होने के साथ दूसरों को भी जागरूक करें।
कोरबा पुलिस का संदेश — सावधानी ही साइबर सुरक्षा है।

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