आपका जल-जंगल-जमीन छीनकर अडाणी-अंबानी को दे देंगे भाजपा के लोग

कोरबा।छत्तीसगढ़ में भाजपा की साय सरकार कांग्रेस सरकार के समय मिलने वाली सुविधाओं को सांय-सांय खत्म कर रही है। उधर केन्द्र की सरकार आरक्षण खत्म करने की बात कर रही है। जनता पर चौतरफा महंगाई, बेरोजगारी की मार है, किसान कर्ज में डूबा हुआ है और वे लोग उद्योगपतियों को लाभ पहुंचा रहे हैं। देश में कांग्रेस की सरकार चुनकर लाएं जो आरक्षण को खत्म होने से रोकेगी। महिलाओं को भी बराबरी का अधिकार दिया जाएगा और युवाओं के लिए नौकरी के रास्ते खुलेंगे।

कोरबा लोकसभा की प्रत्याशी ज्योत्सना चरणदास महंत ने अपने जनसंपर्क के दौरान रामपुर विधानसभा अंतर्गत बड़ी संख्या में उपस्थित महिलाओं व ग्रामीणों को संबोधित कर कहा कि देश की सभी गरीब महिलाओं को सम्मानजनक राशि हर महिने 8333 रुपए दिए जाएंगे। सांसद ने कहा कि आपके जेब का पैसा लेकर अमीरों को दिया जा रहा है और जब इनके दोस्त लाखों-करोड़ों रुपए लूट कर फरार हो सकते हैं तो आपको 8333 रुपए कैसे नहीं मिल सकते?
आज देश में आरक्षण खत्म करने की बात हो रही है लेकिन कांग्रेस की सरकार इसे रोकेगी। जो प्रकृति हम सबको जीवन देती है, उस प्रकृति को और उसमें मौजूद जल-जंगल-जमीन को नष्ट कर विनाश की ओर ले जाने का काम भाजपा की सरकार कर रही है। ये आपसे जमीन खरीदेंगे नहीं बल्कि छीनकर दे देंगे। प्रदेश में कांग्रेस की सरकार हटते ही फूल छाप की सरकार ने हसदेव जंगल के 15 हजार पेड़ एक ही रात में काट डाले लेकिन जब तक कांग्रेस की सरकार थी एक भी पेड़ नहीं कटे। कांग्रेस ने संकल्प लिया है कि जल-जंगल-जमीन को बचाएंगे व आदिवासियों को अधिकार देंगे। ज्योत्सना महंत ने कहा कि अपने सम्मान और अधिकार की रक्षा के लिए देश का संविधान खत्म होने से बचाने के लिए कांग्रेस को चुनकर भेंजे। रामपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पतरापाली, जोगीपाली, चोरभट्ठी, कछार, तराईमार, चचिया आदि गांवों में जनसंपर्क पर पहुंचीं सांसद का जगह-जगह स्वागत किया गया। जनसंपर्क व सभाओं के दौरान पूर्व अनिला भेडिय़ा, विधायक श्यामलाल कंवर, पूर्व जनपद सदस्य फरियाद अली रिज्वी सहित कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।
बाहरी लोग यहां आकर धमका रहे हैं
सांसद ज्योत्सना महंत ने कहा कि कुछ बाहर के लोगों को थोपा गया है जो यहां आकर गुंडागर्दी कर रहे हैं। बाहर से आए लोग रामपुर के कांग्रेस कार्यकर्ताओं को धमका रहे हैं लेकिन जब तक मैं हूं किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































