फसल की गारंटी नहीं होती पर खाते में एक हजार आएगा इसका भरोसा रहता है

कोरबा 04 अक्टूबर 2024।अपने घर की परछी में मक्के का बीज निकालती रामबाई खुश है कि इस बार दशहरा- दीपावली के त्यौहार के समय बहुत ज्यादा आर्थिक समस्याओं से नहीं जूझना पड़ेगा। शहर से लगभग सौ किलोमीटर दूर जंगल और पहाड़ी इलाकों में रहने वाली रामबाई के लिए जीवनयापन किसी जद्दोजहद से कम नहीं है। वह बताती है कि पहाड़ी इलाको में वैसे भी बारिश का कोई भरोसा नहीं रहता इसलिए इन इलाकों में फसल बोने और उसे सही सलामत काट लेने की कोई गारण्टी नहीं होती पर जबसे मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने महतारी वंदन योजना शुरू की है तब से उन्हें अपने खाते में हर माह एक हजार रुपए आने की गारण्टी मिल गई है। उनका कहना है कि एक हजार रुपए मिलने की गारण्टी ने उन्हें इस बार यह भी गारण्टी दिला दी है कि वह आने वाले दशहरा-दीपावली को बीते बरसो की तुलना में बहुत बेहतर तरीके से मना सकती है।
कोरबा जिले के पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक में दूरस्थ क्षेत्र ग्राम जजगी में रहने वाली रामबाई आयाम बताती है कि इस बार बरसात ठीक-ठाक हुई है लेकिन पहाड़ी इलाकों में पानी का ठहराव कुछ देर तक नहीं रहता। इन इलाकों में मक्के की फसल लेनी होती है। उन्होंने अपनी बाड़ी में मक्के की फसल ली थी, अब मौसम के साथ ही मक्के को तोड़कर बीज अलग कर रही है। रामबाई ने बताया कि उनके क्षेत्र में धान का फसल लेना बहुत बड़ी चुनौती है। कई बार मौसम दगा दे जाता है। बारिश नहीं होने पर भी खेत में ही फसल सूख जाते हैं। ऐसे में ज्यादातर ग्रामीण मक्के सहित कम पानी में पैदा होने वाले फसलों पर ध्यान देते हैं और जीविकोपार्जन के लिए बकरी सहित अन्य पशुओं का पालन करते हैं। उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में मौसम की बेरुखी अक्सर किसानों को रुला देती है इसलिए कोई शत-प्रतिशत फसल उत्पादन का भरोसा नहीं करता। रामबाई ने बताया कि उनके गाँव में अधिकांश गरीब परिवार निवास करते हैं। गाँव की ज्यादातर महिलाएं जीवकोपार्जन के लिए बहुत जद्दोजहद करती हुई घर चलाती है, उन्हें दिन भर कुछ न कुछ परिश्रम करना पड़ता है। ऐसे में जब महतारी वंदन योजना की शुरूआत हुई तो कुछ महिलाओं को भरोसा नहीं था कि हर माह उनके खाते में एक हजार आएगा। अब जबकि 7 महीने हो गए हैं और एक हजार रुपये निरंतर खाते में आ रहा है तो उनका भरोसा और विश्वास छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति बढ़ता ही जा रहा है। रामबाई ने बताया कि आने वाले समय में दशहरा-दीपावली है। इस दौरान माह में मिलने वाली एक हजार की राशि उनके जैसी अनेक जरूरतमंद महिलाओं के लिए खुशियों के साथ त्यौहार मनाने में मददगार साबित होगी। इस राशि से वे कुछ कपड़े, मिठाई सहित अन्य जरूरी सामग्री अवश्य खरीद पाएंगी।।
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