कोरबा।दिनांक 12.10.2024 को ह.ता.वि.गृह, कोरबा पश्चिम के लाल मैदान में बुराई पर अच्छाई की विजय का पर्व विजयादशमी(दशहरा) बड़ी धूम-धाम से मनाया गया । प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी लाल मैदान का दशहरा लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा । जिसमें कोरबा जिले एवं दुरस्थ अंचलों से लोगों ने भाग लिया ।


कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय मंदिर में भव्य राम झांकी के पूजन से प्रारंभ हुआ तथा भजन मंडली के साथ कीर्तन करते हुए झांकी हसदेव ताप विद्युत गृह के आवासीय परिसर में भ्रमण करते हुए उत्सव स्थल पर पहुंची जहां पर मान. वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री, छत्तीसगढ़ शासन लखनलाल देवांगन के मुख्य आतिथ्य में कोरबा पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा(IPS), छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी मर्यादित के प्रबंध निदेशक संजीव कुमार कटियार, संयंत्र के कार्यपालक निदेशक सी.एल नेताम, कारखाना प्रबंधक पी.के स्वेन एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष एम.के गुप्ता, सचिव एस.के बंजारा, डी.आर चंद्रा सहित प्रशासनिक अमले की टीम द्वारा राम-सीता एवं लक्ष्मण की पूजा-अर्चना की गई साथ ही उनके द्वारा पुतला निर्माण समिति एवं राम झांकी समिति के सदस्यों का सम्मान किया गया ।

मंचस्थ अतिथियों ने अपने उदबोधन में इस पर्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दशहरा पर्व बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक हैं इसलिए हमें भी अपने अंदर की बुराइयों का सूक्ष्मता के साथ अवलोकन कर उनका दहन करने का संकल्प लेना चाहिए साथ ही उन्होंने उपस्थित जनसमूह को दशहरा तथा आने वाले अन्य पर्वों की बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए सभी के लिए सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की, जिसके उपरांत शब्बीर मेमन के नेतृत्व में भव्य आतिशबाजी का प्रदर्शन करते हुए बुराई(असत्य एवं अहंकार) के प्रतीक रावण, कुंभकरण एवं मेघनाथ के पुतले का दहन किया गया ।



सी.एस.ई.बी, कोरबा पश्चिम टाउनशिप के लाल मैदान में पिछले तीन दशकों से आयोजित हो रहे दशहरा उत्सव में यह पहला अवसर था जब रावण के साथ ही उसके भाई कुंभकरण एवं बेटे मेघनाथ के पुतलों का भी दहन किया गया । कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण लगभग 110 फीट ऊंचाई वाला रावण का स्व-चलित पुतला था, जिसका निर्माण बहुत ही कम खर्च में ब्रजेश विश्वकर्मा एवं उनकी टीम द्वारा संयंत्र से निकले हुए स्क्रैप से किया गया । यह हाईटेक रावण इंजीनियरिंग का बेजोड़ नमूना है,जिसने अपना सिर घुमाकर, तलवार लहराकर, आखों से अंगारे उगलकर एवं मुंह से धुआं निकालकर कार्यक्रम स्थल पर मौजूद जनसमुदाय का भरपूर मनोरंजन किया । इस प्रकार लाल मैदान का रावण अपनी बनावट के लिए न केवल कोरबा बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में प्रसिद्ध हैं । कार्यक्रम के अंत में कार्यपालन अभियंता संजीत तिग्गा एवं कल्याण अधिकारी सुरेश सिंह कंवर ने विजया दशमी के पावन अवसर पर कार्यक्रम स्थल पर उपस्थित सभी गणमान्य अतिथियों एवं लाल मैदान में मौजूद अपार जनसमूह के प्रति आभार प्रदर्शित किया । आयोजन के दौरान मंच संचालन रविन्द्र साहू द्वारा किया गया। इस तरह दर्री(कोरबा) के प्रसिद्ध लाल मैदान के दशहरा उत्सव का भव्य समापन हुआ । कार्यक्रम को सफल बनाने में हसदेव ताप विद्युत गृह, कोरबा पश्चिम के सभी विभागों का सराहनीय योगदान रहा ।




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