जादू-टोना… तांत्रिकों से संपर्क और वशीकरण, सहारनपुर हत्याकांड में हैरान करने वाला खुलासा
दो महीने से पत्नी को छोड़ने या मारने की धमकी दे रहा था योगेश
स्वजन बोले, नेहा पर लगाता था वशीकरण कराने का आरोप
सांगाठेड़ा में पत्नी और तीन बच्चों की हत्या करने वाला योगेश रोहिला जादू-टोने में विश्वास करता था। वह तीन साल से तंत्र क्रिया करने वाले बाबाओं के चक्कर काट रहा था। इतना ही नहीं, वह नेहा पर वशीकरण कराने का आरोप भी लगाता था। बीते दो महीने से नेहा को छोड़ने या मारने की धमकी दे रहा था।
नेहा के बड़े जीजा मुजफ्फरनगर के बेलड़ा निवासी सनोज बताते हैं कि योगेश तीन साल से तंत्र क्रिया करने वालों के पास आता-जाता था और खुद पर वशीकरण कराए जाने की बात कहता था। उसने नेहा पर वशीकरण कराने का आरोप लगाते हुए साले रजनीश से भी इसका जिक्र किया था। रजनीश ने उसे समझाया था। योगेश दो महीने से नेहा को छोड़ने या जान से मारने की धमकी दे रहा था।
नेहा जब अपनी गलती पूछती तो कहता कि वह भी बिहार से तीसरी पत्नी ले आएगा। कहता था कि तुम मुझे मारकर प्रॉपर्टी कब्जाना चाहती हो। इसपर नेहा ने कहा था कि मेरी प्रॉपर्टी तो तुम हो। नेहा ने उन्हें धमकी के बारे में बताया भी, लेकिन ऐसा हो जाएगा, किसी ने सोचा भी नहीं था।
होली से पहले नेहा की चोटी पकड़कर गली में घसीटा
सनोज ने बताया कि योगेश कई बार नेहा के साथ मारपीट कर चुका था। हाेली से पहले भी उसने नेहा को बुरी तरह पीटा था। वह नेहा को पीटते हुए गली में ले आया था और चोटी पकड़कर घसीटते हुए पिटाई की थी। मोहल्ले के लोगों ने उसे छुड़ाया था। इसके चलते नेहा योगेश की बुआ के घर रामपुर मनिहारान चली गई थी। बाद में समझाने पर नेहा गांव में आई तो योगेश ने उसे घर में नहीं घुसने दिया था। मोहल्ले के लोगों ने जैसे-तैसे उसे समझाया था।
कपड़े सिलाई करके चला रही थी खर्च
सनोज ने बताया कि आरोपित योगेश पत्नी नेहा को खर्च भी नहीं देता था। नेहा सिलाई करके ही अपना और बच्चों का खर्च चला रही थी। वारदात वाले दिन योगेश ने घूमने का झांसा देकर बच्चों को तैयार करने के लिए कहा था। इसके बाद नेहा ने बच्चों को नए कपड़े पहनाए थे।
फांसी की सजा मिले तभी आएगा सब्र
सनोज व अन्य स्वजन ने बताया कि उसकी शादी 21 साल पहले हुई थी। तब नेहा मात्र 11 साल की थी। वह उसे बेटी की तरह मानते थे। नेहा की बहन सोनिया और जीजा सनोज ने कहा कि नेहा और तीन मासूमों की हत्या के आरोपित योगेश को फांसी की सजा होनी चाहिए। तभी स्वजन को सब्र आएगा।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































