टाउनशिप में उत्पन्न प्लास्टिक कचरे का 100 प्रतिशत निपटान

2023 से अब तक 200 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक कचरे का निपटान

विश्व पर्यावरण दिवस पर बालको द्वारा वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान का आयोजन


कोरबा,बालकोनगर, 6 जून 2025। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने विश्व पर्यावरण दिवस 2025 के अवसर पर पर्यावरणीय स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने के लिए सशक्त अपशिष्ट प्रबंधन और सर्कुलर इकोनॉमी आधारित पहल को सुदृढ़ किया है।
बालको ने अपने टाउनशिप में प्रभावी अपशिष्ट पृथक्करण प्रणाली लागू की है जिससे प्लास्टिक समेत अन्य कचरे का वैज्ञानिक और प्रभावी निपटान सुनिश्चित किया जा सके। रायपुर स्थित अपशिष्ट प्रबंधन साझेदार वेस्टेक इंडिया के सहयोग से कंपनी ने प्लास्टिक कचरे का पर्यावरण अनुकूल तरीके से निपटान सुनिश्चित किया है। प्रोसेस किए गए कचरे को सीमेंट उद्योगों में वैकल्पिक कच्चे माल के रूप में भेजा जाता है, जो बालको की सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की दृष्टि के अनुरूप है। दिसंबर 2023 में साझेदारी की शुरुआत के बाद से अब तक 200 मीट्रिक टन से अधिक प्लास्टिक कचरे (नया एवं पूर्ववर्ती कचरा दोनों) का सस्टेनेबल सह-प्रसंस्करण के माध्यम से निपटान किया गया है जो टाउनशिप के प्लास्टिक कचरे के 100 प्रतिशत निपटान को दर्शाता है।
बालको ने सॉलिड एंड लिक्विड रिसोर्स मैनेजमेंट सेंटर (एसएलआरएम) की स्थापना की है। यहां घरेलू कचरे को 1000 किलोग्राम क्षमता वाले इलेक्ट्रिक वाहनों से एकत्र किया जाता है और एसएलआरएम यूनिट में इसे रंग-बिरंगे डिब्बों की सहायता से जैविक और अजैविक कचरे में पृथक किया जाता है। जैविक कचरे को खाद में बदला जाता है, जबकि प्लास्टिक कचरे को वेस्टेक इंडिया को भेजा जाता है ताकि उसका जिम्मेदार सह-प्रसंस्करण द्वारा निपटान हो सके। यह प्रणाली वैज्ञानिक निपटान, संसाधन पुनर्प्राप्ति और पर्यावरण जागरूकता को बढ़ावा देती है। इस प्रक्रिया को सफल बनाने हेतु नियमित प्रशिक्षण सत्रों के माध्यम से निवासियों को घर-स्तर पर कचरा पृथक्करण और प्लास्टिक के विकल्पों के उपयोग हेतु प्रेरित किया जाता है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक राजेश कुमार ने कहा ने कहा कि बालको में सस्टेनेबिलिटी हमारे कार्य संस्कृति का हिस्सा है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर हम जिम्मेदार कचरा प्रबंधन एवं सर्कुलर इकोनॉमी समाधानों को अपनाकर अपने पर्यावरणीय उत्तरदायित्व को मजबूत कर रहे हैं।‘प्लास्टिक प्रदूषण को समाप्त करना’ थी को ध्यान में रखते हुए हम प्लास्टिक के सस्टेनेबल विकल्प अपना रहे हैं तथा साझेदारियों के माध्यम से पर्यावरण-संवेदनशील और ज़िम्मेदार निपटान की दिशा में कार्य कर रहे हैं।
पर्यावरणीय चेतना को बढ़ावा देने के लिए इस साल भी कंपनी ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर अपने संयंत्र परिसर और टाउनशिप में स्वच्छता एवं वृक्षारोपण अभियान का आयोजन किया। इसमें 300 से अधिक कर्मचारियों और समुदाय के सदस्यों ने हिस्सा लिया। सभी ने मिलकर 600 से अधिक पौधों का रोपण किया तथा जागरूकता रैली और स्वच्छता अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह पहल एक स्वच्छ और हरित भविष्य के प्रति सामूहिक उत्तरदायित्व की भावना को दर्शाती है।
साथ ही बालको अपने संयंत्र और समुदाय में पर्यावरण के प्रति जागरूक व्यवहार को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। इस उद्देश्य से कंपनी ने कई सराहनीय कदम उठाए हैं, जिनमें संयंत्र परिसर और टाउनशिप में सिंगल-यूज़ प्लास्टिक के उपयोग में कमी लाने हेतु कपड़े के थैलों का वितरण, पर्यावरण अनुकूल ब्रांडिंग और संचार के लिए फैब्रिक सामग्री का उपयोग, संयंत्र परिसर को प्लास्टिक मुक्त बनाने का प्रयास, सभी सीएसआर उत्पाद के लिए कागज़ आधारित पैकेजिंग का प्रयोग तथा जागरूकता अभियान शामिल हैं।
ये सभी प्रयास बालको की हरित भविष्य और जिम्मेदार नागरिकता की दिशा में प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम करना, संसाधनों का कुशल उपयोग करना और समुदाय के कल्याण को बढ़ावा देना है। वैश्विक पर्यावरण लक्ष्यों के अनुरूप संचालन के माध्यम से बालको भारत को एक सस्टेनेबल और सर्कुलर अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
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