
कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत एवं आयुक्त नगर पालिक निगम आशुतोष पांडेय के मार्गदर्शन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी के नेतृत्व में एचआईवी/एड्स बचाव एवं नियंत्रण कार्यक्रम के अतर्गत जिले के स्ट्रीट वेंडर्स (फुटपाथ विक्रेताओं) के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया । इस अवसर पर बी.पी. त्रिवेदी, उपायुक्त नगर पालिक निगम कोरबा, रमा पटेल, सहायक संचालक छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति रायपुर, डॉ. रविकांत सिंह राठौर, नोडल अधिकारी, जिला एड्स नियंत्रण समिती कोरबा मिस्त्री, आईसीटीसी काउंसलर, दुष्यंत कोटांगले, एफएलओ तथा बड़ी संख्या में स्ट्रीट वेंडर्स उपस्थित थे।




रमा पटेल सहायक संचालक छत्तीसगढ़ राज्य एड्स नियंत्रण समिति रायपुर, तथा डॉ. रविकांत सिंह राठौर नोडल अधिकारी, जिला एड्स नियंत्रण समिती कोरबा के द्वारा एचआईवी / एड्स के कारण लक्षण, संक्रमण के तरीके एवं बचाव के उपायों की विस्तार से जानकारी दिया गया तथा स्ट्रीट वेंडर्स को सुरक्षित व्यवहार अपनाने, नियमित जाँच कराने एवं आवश्यकता होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में परामर्श लेने के लिए प्रेरित किया गया तथा एचआईवी एक्ट 2017 की के बारे में बताते हुए टोलफ्री नंबर 1097 पर कॉल करके एचआईवी के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त करने की जानकारी दी गई ।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एस.एन. केशरी द्वारा एचआईवी / एड्स के संबंध में जानकारी देते हुए कहा गया कि एचआईवी/एड्स एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोके जाने योग्य संक्रमण है । जागरूकता, सुरक्षित व्यवहार और समय पर जाँच ही इससे बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। स्ट्रीट वेंडर्स (फुटपाथ विक्रेता ) समाज के महत्वपूर्ण हिस्से हैं, इनके माध्यम से हम जनसमूह तक जानकारी पहुंचा सकते हैं उन्होंने एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को समाज में समान अधिकार प्रदान करने, भेदभाव न करने के संबंध में बताया और कहे की एचआइवी / एड्स के प्रति जागरूकता ही इसका सबसे बड़ा बचाव है। इस संबंध में समाज के प्रत्येक वर्ग तक सही जानकारी पहुँचाना आवश्यक है तभी हम मिलकर इस बिमारी पर नियंत्रण पा सकेंगे। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क जाँच, परामर्श एवं उपचार कि सुविधा उपलब्ध है । व्यक्ति बिना किसी डर या झिझक के एन सेवाओं का लाभ ले सकते हैं।
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