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कोरबा :वन विकास निगम में घोर अनियमितता,28 करोड़ के पौधरोपण में

PMO से शिकायत पर राज्यपाल ने लिया संज्ञान,सचिवालय ने दिए जांच के आदेश

कोरबा। वन विकास निगम कोरबा में वित्तीय वर्ष 2022 -23 से 2024 -25 तक डिपाजिट रोपण के अंतर्गत 28 करोड़ की प्राप्त आबंटन में NTPC कोरबा क्षेत्र,SECL कोरबा , कुसमुण्डा ,दीपका गेवरा क्षेत्र ,CSPGCL कोरबा पूर्व ,कोरबा पश्चिम क्षेत्र में रोपण एवं एकवर्षीय रखरखाव, ग्रासबेड कार्य ,फेंसिंग कार्य ,वर्मीकम्पोस्ट क्रय ,सेफ्टीजोन कंटूल ट्रंच खुदाई ,चेकडेम ,पत्थर बोल्डर ,बांध निर्माण कार्य में अनियमितता की प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO ) से शिकायत मामले में महामहिम राज्यपाल सचिवालय ने संज्ञान ले लिया है। राज्यपाल के अवर सचिव ने छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव को प्रकरण में केंद्रीय स्तर की संयुक्त टीम गठित कराने का निर्देश दिया है। इस पत्र के बाद करीब सवा साल से चली आ रही प्रकरण में पारदर्शी जांच का इंतजार खत्म हो जाएगा। जांच उपरांत जिम्मेदार तत्कालीन अधिकारी कर्मचारियों पर एक बड़ी कार्रवाई के आसार हैं।
यहाँ बताना होगा कि कार्यालय प्रबंध संचालक छग राज्य वन विकास निगम लिमिटेड रायपुर (छ.ग.) के यहाँ पत्र क्रमांक 6931 दिनांक 29 /01/2025 के माध्यम से पत्र व्यवहार कर कार्यालय मण्डल प्रबंधक ,औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल खरमोरा कोरबा ,जिला -कोरबा (छग) द्वारा डेलीगेशन ऑफ पावर की कंडिका 51 के तहत डिपाजिट रोपण अंतर्गत एनटीपीसी कोरबा क्षेत्र ,एसईसीएल कोरबा क्षेत्र ,एसईसीएल कुसमुंडा क्षेत्र ,एसईसीएल दीपका क्षेत्र ,एसईसीएल गेवरा क्षेत्र , सीएसपीजीसीएल कोरबा पूर्व , सीएसपीजीसीएल पश्चिम क्षेत्र में वित्तीय वर्ष 2022 -23 2023 -24 एवं चालू वित्तीय वर्ष 2024 -25 में प्राप्त आबंटन 28 करोड़ 38 लाख 25 हजार 809 रुपए की लागत से कराए गए रोपण एवं एकवर्षीय रखरखाव, ग्रासबेड कार्य ,फेंसिंग कार्य ,वर्मीकम्पोस्ट क्रय ,सेफ्टीजोन कंटूल ट्रंच खुदाई ,चेकडेम ,पत्थर बोल्डर ,बांध निर्माण कार्य के प्राकलन , सामग्री क्रय प्रक्रिया ,मांग पत्र , देयक व्हाउचर ,स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन,तकनीकी मापदण्डों ,पूर्णता प्रमाण पत्र ,गुणवत्ता का परीक्षण कर व्यापक लोकहित में रोपित पौधों का भौतिक सत्यापन कराए जाने का अनुरोध किया गया था। पत्र प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर राज्य स्तरीय जांच समिति गठित कर अग्रलिखित कार्यों का बिंदुवार तय मियाद में जांच कराकर ,जांच प्रतिवेदन की एक प्रति पत्र व्यवहार के पते पर उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया था। अन्यथा की स्थिति में मेरे द्वारा प्रकरण आवश्यक कार्रवाई हेतु माननीय मुख्य सचिव महोदय के संज्ञान में लाए जाने की बात कही गई थी। व्यापक लोकहित में किए गए जांच अनुरोध पत्र के संदर्भ में कार्यालय क्षेत्रीय महाप्रबंधक ,बिलासपुर -प्रक्षेत्र ,बिलासपुर (छ.ग.) द्वारा पत्र क्रमांक 1255 दिनांक 05 /02 /2025 को मण्डल प्रबंधक औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल कोरबा (छ.ग.)को शिकायत पत्र की छायाप्रति प्रेषित कर उक्त शिकायत की जांच रोपणवार ,कार्यवार एवं स्थलवार कर तथ्यात्मक जांच प्रतिवेदन Excel Sheet में क्षेत्रीय कार्यालय को प्रेषित करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे।
👉फील्ड स्तर के शिकायत की दफ्तर में ही जांच निबटाने की कोशिश ,लोकहित में किए गए जांच अनुरोध की मांगने लगे साक्ष्य ,सूत्र
जांच आदेश के परिपालन में उप मण्डल प्रबंधक औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल कोरबा (छ.ग.) ने पत्र क्रमांक 1685 दिनांक 10 /02/2025 को शिकायतकर्ता को पत्र लेखकर उसके द्वारा प्रस्तुत शिकायत की जांच के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु दिनांक 14 .02.2025 को मण्डल कार्यालय कोरबा में उपस्थित होने का उल्लेख किया था। जिसके परिपालन में शिकायतकर्ता निर्धारित दिनांक 14 /02/2025 को कार्यालयीन समय पर उपस्थित हुआ। प्रकरण के संदर्भ में दोपहर 12 बजे उप मण्डल प्रबंधक औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल कोरबा (छ.ग)सुश्री मोनिका एक्का जी ने विभागीय कर्मचारी की मौजूदगी में उन्हें अपना पक्ष रखने की बात कही। तब शिकायतकर्ता ने जांच अधिकारी से कहा कि प्रकरण में उन्होंने व्यापक लोकहित में जांच की मांग की है। फील्ड स्तर की शिकायतें हैं जब तक मेरी मौजूदगी में फील्ड स्तर पर जांच सुनिश्चित नहीं की जाती,जांच प्रतिवेदन उपलब्ध नहीं कराया जाता तब तक मैं प्रकरण के संदर्भ में अपना बयान दर्ज नहीं करा सकता। जिसे उन्होंने सिरे से नकारते हुए कहा कि आपने पत्र में अपनी मौजूदगी में जांच के अनुरोध का पत्र में उल्लेख नहीं किया है लिहाजा हम अपने स्तर से प्रकरण की जांच करा रहे हैं। जांच अधिकारी द्वारा व्यापक लोकहित में किए गए शिकायत के समर्थन में शिकायतकर्ता से साक्ष्यों की मांग की जा रही थी।उससे विश्वनीय सूत्र व शिकायत के आधार की मांग की गई। जबकि माननीय उच्च न्यायालय का निर्देश है कि सूत्र न पुलिस पूछ सकती है न ऐसा अधिकार किसी भी विभाग जांच एजेंसी को है।
व्यापक लोकहित में किसी भी सन्देहास्पद या विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी /सूचना अनुसार जांच का अनुरोध किया जा सकता है।
👉तत्कालीन 3 DM को रिकवरी ,कार्रवाई से बचाने का किया प्रयास
बिना शिकायतकर्ता की उपस्थिति के क्षेत्रीय कार्यालय के निर्देश के परिपालन में प्रकरण की जांच की जा रही थी । जांच किस तरह पर हो रही है ,जांच में कितनी पारदर्शिता है इससे शिकायतकर्ता अनभिज्ञ था उसके बावजूद फील्ड स्तर पर जांच कर तस्दीक करने की बजाय उससे बयान में साक्ष्यों की मांग कर दबाव बनाया गया हतोत्साहित करने का प्रयास था,ताकि शिकायतकर्ता उपरोक्त प्रकरण में आगे न बढ़ सके । वे प्रकरण की औपचारिकता पूर्ण तरीके से जांच कर जिम्मेदारों को संरक्षण प्रदान कर सकें। इसमें क्षेत्रीय कार्यालय एवं जिला कार्यालय की मिलीभगत प्रतीत हो रही थी । ताकि तत्कालीन मण्डल प्रबधंक श्री बी .एस. सरोटे ,श्री एच. सी.पहारे,श्री देवेंद्र कुमार के कार्यकाल में हुए उक्त कार्यों की जांच में जिम्मदारों को क्लीनचिट दे सकें । संबंधितों से शासकीय धनराशि की रिकवरी न हो सके।
👉MD ने भी जांच अनुरोध की अनदेखी कर दिया संरक्षण का प्रमाण !
उपरोक्त कृत्यों को लेकर शिकायतकर्ता ने कार्यालय प्रबंध संचालक छग राज्य वन विकास निगम लिमिटेड रायपुर (छ.ग.) के यहाँ पत्र क्रमांक 6971 दिनांक 14 /02/2025 के तहत पुनः ध्यानाकर्षण पत्र प्रेषित कर पत्र प्राप्ति के 30 दिवस के भीतर प्रकरण की राज्य स्तरीय टीम से व्यापक लोकहित में जांच सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया था। जिसमें शिकायतकर्ता ने अपनी उपस्थिति में उल्लेखित कार्यों विशेषकर एसईसीएल के चारों परियोजनाओं,कोरबा,कुसमुंडा,दीपका एवं गेवरा परियोजना में कराए गए कार्यों की प्राक्कलन,व्यय प्रमाणक के अनुरूप जांच सुनिश्चित कराने ,प्रकरण की स्थल निरीक्षण ,भौतिक सत्यापन उपरांत ही मेरा बयान कलमबद्ध किया जाने , सम्पूर्ण फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी की सहयोगी को अनुमति प्रदान किया जाने ,बयान के दौरान उसकी मौजूदगी पर प्रतिबंध न लगाए जाने का उल्लेख था। ताकि जांच में पारदर्शिता बनी रहे।लेकिन राज्य कार्यालय ने तय मियाद 30 दिवस की समयावधि समाप्त होने के उपरांत भी प्रकरण में जांच न कर संरक्षण का प्रमाण दे दिया।
👉तत्कालीन मंडल प्रबंधक व रेंजर ने शिकायत दबवाने लगाया जोर ,MD ने अनुरोध के बाद भी पदस्थ रेंजर नहीं हटाए
इस पूरे प्रकरण में तत्कालीन मण्डल प्रबंधक ,रेंजर की महत्वपूर्ण भूमिका है। रेंजर श्री राठिया श्री काठले व अन्य करीब 10 साल से विभागीय अधिकारियों की विशेष कृपा से जिले में ही कार्यरत हैं। विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उनके द्वारा कार्रवाई की डर से उक्त जांच को प्रभावित करने की जुगत लगाई जा रही है। तय मियाद में जांच नहीं होने से इसकी आशंका और बढ़ गई है। प्रबंध संचालक महोदय ,छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम लिमिटेड रायपुर (छग) के यहाँ अंतिम मर्तबा शिकायत पत्र क्रमांक 6975 दिनांक 16/04/2025 के माध्यम से पत्र प्रेषित कर विभागीय स्तर से तय मियाद में ,व पत्र के अनुरोध अनुसार फील्ड स्तर के कार्यों का शिकायतकर्ता की मौजूदगी में जांच न कराकर तीसरी बार कार्यालय मण्डल प्रबंधक ,औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल खरमोरा,जिला -कोरबा (छग) में शिकायत से संबंधित अभिलेख /साक्ष्यों के साथ उपस्थित होने पत्र व्यवहार कर जांच की मनमाने तरीके से औपचारिकता पूर्ण कर जिम्मेदारों को संरक्षण दिए जाने का उल्लेख कर मुख्य सचिव कार्यालय से जांच तक विभागीय पत्राचार न करने एवं संबधित कार्यों के दौरान पदस्थ रहे डिप्टी रेंजर श्री काठले व श्री राठिया का अन्यत्र जिले में स्थानांतरण का अनुरोध किया था। ताकि जांच पारदर्शी तरीके से हो सके। लेकिन यहाँ भी डिप्टी रेंजर आज पर्यंत नहीं हटाए गए।
👉राज्य शासन की जांच एजेंसियों से उठा भरोसा ! PMO पहुंची शिकायत
उपरोक्त कृत्यों से स्पष्ट था कि औद्योगिक पौधरोपण व इसके संरक्षण से जुड़े कार्यों के लिए प्राप्त करोड़ों की शासकीय फंड का जमकर बंदरबाट किया गया है। जिसमें जिम्मेदारों को राज्य कार्यालय का द्वारा भी प्रश्रय है, ऐसी दशा में शिकायतकर्ता का राज्य की उक्त जांच इकाइयों से पूर्णतः भरोसा उठ गया था ।
जिसे देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र क्रमांक 7631 दिनांक 07/08-2025 को पत्र लेखकर केंद्रीय जांच समिति से प्रकरण की व्यापक लोकहित में जांच का अनुरोध किया गया था। लेकिन बावजूद इसके जांच आदेश नहीं निकलने पर पुनः पत्र क्रमांक 8451 दिनांक 16/03/2025 के माध्यम से स्मरण पत्र भेजकर ध्यानाकर्षण कराया गया। केंद्रीय स्तर पर जांच दल गठित कर प्रकरण की जांच सुनिश्चित कराने का अनुरोध किया गया । ताकि सरकार की मंशानुरूप जीरो टॉलरेंस की नीति छत्तीसगढ़ में सभी विभागों में बरकरार रहे।
👉राज्यपाल सचिवालय ने लिया संज्ञान,दिए जांच के निर्देश
प्रकरण में PMO से की गई शिकायत की प्रतिलिपि राजभवन,सचिवालय राज्यपाल ,मुख्यमंत्री सचिवालय , प्रबंध संचालक छग राज्य वन विकास निगम एवं कलेक्टर कोरबा को दी गई थी। राज्यपाल सचिवालय ने प्रकरण पर संज्ञान लेते हुए छत्तीसगढ़ शासन के सचिव वाणिज्य एवं उद्योग विभाग ,मंत्रालय महानदी भवन ,नवा रायपुर अटल नगर को प्रकरण के संदर्भ में पत्रानुसार अनुरोधानुसार कार्यालय मण्डल प्रबंधक ,औद्योगिक वृक्षारोपण मण्डल खरमोरा कोरबा ,छत्तीसगढ़ के विरुद्ध केंद्रीय स्तर की संयुक्त जांच टीम गठित कराकर प्रकरण की जांच कराने का आदेश दिया है। अब पूरी निगाहें पारदर्शी जांच पर टिकी है।
👉 कहीं पौधे लगे ही नहीं ,जहां लगे मानक से अधिक मर गए !
विश्वस्त सूत्रों की मानें इन वर्षों में हुए प्लांटेशन के तय मापदंड से अधिक पौधे वर्तमान में मर चुके हैं ,चेकडेम ,पत्थर बोल्डर ,बांध निर्माण एवं फेंसिंग कार्य में खाना पूर्ति की गई । गुणवत्ता अत्यंत दोयम दर्जे की थी। बहरहाल फील्ड स्तर पर गहन जांच उपरांत ही जमीनी वास्तविकता स्पष्ट होगी ।

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