
आयुक्त ने फटहामुड़ा, मिट्ठूमुड़ा एवं छातामुड़ा क्षेत्र का किया निरीक्षण, साफ- सफाई और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर दिया जोर

रायगढ़। नगर पालिक निगम आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने शनिवार को शहर के फटहामुड़ा, मिट्ठूमुड़ा एवं छातामुड़ा क्षेत्रों का स्थल निरीक्षण कर साफ-सफाई व्यवस्था तथा विभिन्न विकास एवं निर्माण कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी कार्य समय-सीमा में गुणवत्तापूर्वक पूर्ण करने तथा नागरिक सुविधाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहने देने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने फटहामुड़ा एवं मिट्ठूमुड़ा क्षेत्र में नियमित सफाई, नालियों की सफाई, कचरा संग्रहण तथा स्वच्छता व्यवस्था का अवलोकन किया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बरसात के मौसम को देखते हुए जलभराव की स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए नालियों की नियमित सफाई एवं स्वच्छता कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
इसके पश्चात आयुक्त ने छातामुड़ा क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने छातामुड़ा डिवाइडर निर्माण कार्य तथा आईएसबीटी परिसर में प्रगति पर चल रहे कार्यों का अवलोकन कर निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों एवं कार्य की गति की समीक्षा की। उन्होंने संबंधित एजेंसी एवं अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर आयुक्त बृजेश सिंह क्षत्रिय ने कहा शहर की स्वच्छता और आधारभूत सुविधाओं का बेहतर विकास निगम की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ समय पर पूरे हों तथा नागरिकों को बेहतर एवं सुरक्षित अधोसंरचना उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित करना सभी संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। बरसात के मौसम को देखते हुए साफ-सफाई एवं जल निकासी व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।”
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। आयुक्त ने सभी अधिकारियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण कर कार्यों की सतत मॉनिटरिंग करने तथा किसी भी प्रकार की कमी पाए जाने पर तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































