
कोरबा। नगर पालिक निगम कोरबा ने अपनी कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और खर्चों को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। निगम के स्वयं के पेट्रोल पंप की स्थापना का मार्ग अब पूरी तरह प्रशस्त हो गया है। पेट्रोल पंप स्थापना के लिए Hindustan Petroleum Corporation Limited ने अपनी औपचारिक सहमति प्रदान कर दी है।
बुधवार को निगम के मुख्य प्रशासनिक भवन साकेत में आयुक्त आशुतोष पाण्डेय को एचपीसीएल के अधिकारियों ने सहमति पत्र सौंपा। इस पहल के बाद निगम के वाहनों को डीजल और पेट्रोल भरवाने के लिए विभिन्न पेट्रोल पंपों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे, जिससे समय और दूरी दोनों की बचत होगी तथा निगम के कार्यों में तेजी आएगी।
निगम प्रशासन के अनुसार वर्तमान में निगम के पास लगभग 150 छोटे-बड़े वाहन हैं, जिनमें ट्रक, डंपर, जेसीबी, ट्रैक्टर, कार, जीप और अन्य उपयोगी वाहन शामिल हैं। अभी इन वाहनों में ईंधन भरवाने के लिए निजी पेट्रोल पंपों पर निर्भर रहना पड़ता है। स्वयं का पेट्रोल पंप शुरू होने के बाद निगम को प्रतिवर्ष लगभग 36 से 40 लाख रुपये की बचत होने का अनुमान है।
महापौर संजू देवी राजपूत और आयुक्त आशुतोष पाण्डेय के मार्गदर्शन में इस परियोजना को आगे बढ़ाया गया। निगम प्रशासन के मुताबिक बीते कई वर्षों से इस दिशा में प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन अब जाकर इसे सफलता मिली है।
प्रस्तावित पेट्रोल पंप सीएसईबी चौक के समीप स्थित निगम के केंद्रीय भंडारगृह परिसर में स्थापित किया जाएगा। लगभग 1260 वर्गमीटर क्षेत्र में विकसित होने वाले इस स्टेशन में दो डीजल डिस्पेंसर, एक पेट्रोल डिस्पेंसर, ईवी चार्जिंग प्वाइंट और सीएनजी सिस्टम भी स्थापित किया जाएगा।
विशेष बात यह है कि यह परियोजना केवल पारंपरिक ईंधन तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग सुविधा और सीएनजी व्यवस्था भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे निगम के वाहनों के संचालन में और अधिक सुविधा मिलेगी तथा पर्यावरण अनुकूल परिवहन को भी बढ़ावा मिलेगा।
सहमति पत्र सौंपे जाने के दौरान निगम के अपर आयुक्त विनय मिश्रा, अधीक्षण अभियंता सुरेश बरूआ सहित एचपीसीएल के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। निगम प्रशासन का मानना है कि इस परियोजना से ईंधन प्रबंधन अधिक व्यवस्थित होगा और बचाई गई राशि का उपयोग शहर की नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जा सकेगा।
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