
फरार एनडीपीएस आरोपियों की गिरफ्तारी पर दिया जोर

बिलासपुर। बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने 1 जुलाई 2026 को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से रेंज के सभी जिलों के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों एवं पुलिस अधीक्षकों की समीक्षा बैठक ली। रेंज कार्यालय में आयोजित इस बैठक में कानून-व्यवस्था, लंबित एनडीपीएस प्रकरणों, न्यायालयीन समंस-वारंट की तामीली तथा मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों की समीक्षा की गई।
आईजी श्री गर्ग ने विशेष रूप से धारा 173(8) सीआरपीसी/193(9) बीएनएसएस एवं धारा 299 सीआरपीसी/335 बीएनएसएस के तहत लंबित उन मामलों की समीक्षा की, जिनमें आरोपी अब तक गिरफ्तार नहीं हो सके हैं। उन्होंने सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को ऐसे मामलों में विशेष कार्ययोजना बनाकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एनडीपीएस मामलों में सख्ती के निर्देश
बैठक में एनडीपीएस एक्ट के लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए आईजी ने कहा कि जिन मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, उनमें लगातार कार्रवाई जारी रखी जाए। फरार आरोपियों के खिलाफ जारी वारंटों की तामीली सुनिश्चित करने और उनकी गिरफ्तारी के लिए अंतर्राज्यीय एवं अंतरजिला समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) के साथ आरोपियों की जानकारी साझा करने, पैन कार्ड, बैंक खातों एवं आधार संबंधी जानकारी जुटाकर वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखने तथा मोबाइल और वाहनों से जुड़ी तकनीकी जानकारी एकत्र करने के निर्देश भी दिए।
आईजी ने नेटग्रिड (NATGRID) से प्राप्त सूचनाओं का उपयोग करते हुए विशेष पुलिस टीमों को सक्रिय करने तथा पहले से गिरफ्तार सह-आरोपियों से पूछताछ कर फरार आरोपियों तक पहुंचने की रणनीति अपनाने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे मामलों की निगरानी स्वयं पुलिस अधीक्षक करेंगे।
न्यायालयीन समंस और वारंट की तामीली पर जताई नाराजगी
बैठक में न्यायालयों द्वारा जारी समंस और वारंट की तामीली की समीक्षा भी की गई। गंभीर मामलों में डॉक्टरों एवं पुलिस अधिकारियों के खिलाफ जारी जमानती और गिरफ्तारी वारंटों की तामीली में लापरवाही पर आईजी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
उन्होंने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए कि वारंटों की तामीली स्वयं के पर्यवेक्षण में कराई जाए और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से गवाही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। आईजी ने चेतावनी दी कि न्यायालय से रेंज कार्यालय को भेजे जाने वाले लंबित वारंटों की स्थिति में संबंधित थाना प्रभारी और नोडल राजपत्रित अधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों का समय पर निराकरण करें
आईजी श्री गर्ग ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी शिकायतों का निर्धारित समय सीमा के भीतर निराकरण किया जाना चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी थाना स्तर पर शिकायतों के निराकरण में देरी होती है और मामला उच्च स्तर पर पहुंचता है, तो संबंधित थाना प्रभारी के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए।
कानून-व्यवस्था और बाजार चेकिंग पर भी जोर
बैठक के समापन पर आईजी ने सभी पुलिस अधीक्षकों को निर्देशों की नियमित मॉनिटरिंग करने और उनका अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जिलों में कानून- व्यवस्था बनाए रखने, सराफा बाजारों की नियमित जांच और पिकेट पॉइंट्स पर सतत चेकिंग जारी रखने के निर्देश भी दिए। साथ ही अगले माह एनडीपीएस मामलों की पुनः समीक्षा करने की बात कही।
बैठक में ये अधिकारी रहे उपस्थित
समीक्षा बैठक में रजनेश सिंह, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर,शशि मोहन सिंह, उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रायगढ़,भोजराम पटेल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, मुंगेली,सिद्धार्थ तिवारी, पुलिस अधीक्षक, कोरबा,विजय कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक, जांजगीर- चांपा,प्रफुल्ल ठाकुर, पुलिस अधीक्षक, सक्ती लखन पटले, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कोरबा,अविनाश मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही,निमीषा पाण्डेय, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, सारंगढ़- बिलाईगढ़ सहित सभी जिलों के एएनटीएफ प्रभारी, समंस-वारंट शाखा एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।
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