
बच्चों को खेल सामग्री भी वितरित


जांजगीर-चांपा। सामुदायिक पुलिसिंग को सशक्त बनाने और बच्चों में कानून व साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा लगातार जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना बिर्रा क्षेत्र के ग्राम करही स्थित हाई स्कूल में साइबर सुरक्षा एवं नए आपराधिक कानूनों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। वहीं बिर्रा स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में विद्यार्थियों को खेल सामग्री वितरित कर पुलिस ने शिक्षा के साथ खेल भावना को भी प्रोत्साहित किया।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में डीएसपी अजाक सतरूपा तारम ने छात्र-छात्राओं को नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) तथा भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) — की अहम जानकारियां दीं।
इस दौरान विद्यार्थियों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी साझा करने के खतरे, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग और साइबर अपराधों से बचाव के प्रभावी उपायों के बारे में विस्तार से समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने बच्चों को बताया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत जानकारी, बैंकिंग विवरण या ओटीपी साझा न करें और किसी भी साइबर अपराध की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी पुलिस थाना से संपर्क करें।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएसपी सतरूपा तारम ने कहा कि आज के डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा के प्रति सजग रहना हर नागरिक की जिम्मेदारी है। बच्चों में कम उम्र से ही कानूनी जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा की समझ विकसित करना इस अभियान का मुख्य उद्देश्य है, ताकि वे स्वयं सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक कर सकें।
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, बिर्रा के विद्यार्थियों को खेल सामग्री वितरित की गई। खेल सामग्री पाकर बच्चों के चेहरों पर उत्साह और खुशी देखने को मिली। पुलिस की इस पहल की विद्यालय प्रबंधन और अभिभावकों ने भी सराहना की।
जांजगीर-चांपा पुलिस का यह अभियान न केवल कानून और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ा रहा है, बल्कि पुलिस और समाज के बीच विश्वास और सहयोग को भी मजबूत कर रहा है।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































