featuredछत्तीसगढ़

अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक सम्पन्न

अधिनियम की दी है विस्तृत जानकारी, पीड़ितों को मिलती है आर्थिक सहायता

योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं अनुभाग स्तर पर प्रत्येक तीन माह में बैठक आयोजित करने का निर्णय

जशपुरनगर,30 जुलाई 2026/ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 तथा आकस्मिकता नियम 1995 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं प्रकरणों की समीक्षा के उद्देश्य से जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में समिति के सदस्य अपर कलेक्टर  प्रदीप कुमार साहू, उप पुलिस अधीक्षक  भावेश समरथ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. घनश्याम सिंह जात्रा, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता  विनोद भगत, जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र के महाप्रबंधक मनीष भगत, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद भगत, जनपद पंचायत अध्यक्ष गंगाराम भगत, पार्षद सुश्री कमला कुमारी तथा सनातन संत समाज गहिरा गुरु मुख्यालय सामरबार के अध्यक्ष बभ्रुवाहन सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में सहायक आयुक्त संजय सिंह ने समिति के सदस्यों को जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति के गठन, उसके दायित्वों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 एवं नियम एवं आकस्मिकता 1995 के प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति के व्यक्तियों के विरुद्ध शारीरिक, मानसिक, सामाजिक अथवा संपत्ति संबंधी अत्याचार के पुलिस में दर्ज प्रकरणों में शासन द्वारा नियमानुसार आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। साथ ही उन्होंने बताया कि समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में आयोजित किए जाने का प्रावधान है। सहायक आयुक्त ने वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल 2026 से वर्तमान तक स्वीकृत प्रकरणों की जानकारी प्रस्तुत करते हुए बताया कि प्रकरण स्वीकृत होने के बाद नियमानुसार आर्थिक सहायता की राशि संबंधित हितग्राहियों के बैंक खातों में अंतरित की जाएगी।
बैठक में उप पुलिस अधीक्षक भावेश समरथ ने बताया कि ऐसे पीड़ित जिनके पास जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं हैं, उनके प्रकरणों के निराकरण में विलंब होते हैं। इस पर समिति ने  सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को योजना का व्यापक प्रचार- प्रसार सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित करने का निर्णय लिया गया, जिससे ग्राम सभाओं के माध्यम से पात्र हितग्राहियों का जाति प्रमाण- पत्र बनवाने में कठिनाई ना हो। उप पुलिस अधीक्षक ने यह भी अवगत कराया कि न्यायालय में गवाही देने वाले कुछ साक्षियों को यात्रा भत्ता, भोजन व्यय एवं मजदूरी का भुगतान लंबित है। इस संबंध में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास ने बताया कि आबंटन की राशि प्राप्त होते ही सभी लंबित भुगतान कर दिया जाएगा। बैठक में समिति ने यह भी निर्णय लिया कि सभी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) अपने-अपने अनुभाग स्तर पर सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह में नियमित रूप से आयोजित करना सुनिश्चित करें, ताकि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रकरणों की समयबद्ध समीक्षा तथा पीड़ितों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराई जा सके।

newsagradoot

News Agradeoot is a trusted Hindi news website delivering the latest breaking news, local updates, national headlines, and in-depth analysis from India and around the world. We focus on politics, education, technology, business, entertainment, and social issues, providing accurate, fast, and unbiased journalism. Our mission is to keep readers informed with reliable news, fact-checked stories, and real-time updates. News Agradeoot believes in responsible digital journalism and reader-first reporting.

Related Articles

Back to top button