
जगदलपुर, 01 अगस्त 2026/ 17वें राज्य स्तरीय सीएससी दिवस के अवसर पर रायपुर स्थित न्यू सर्किट हाउस के कन्वेंशन हॉल में सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें बस्तर जिले के डिजिटल सेवा संचालकों और आधार ऑपरेटरों ने अपने असाधारण प्रदर्शन से पूरे प्रदेश में जिले का नाम रोशन किया।इस कार्यक्रम में प्रदेश के वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।

उन्होंने बस्तर के उत्कृष्ट कार्य करने वाले सीएससी प्रतिनिधियों को प्रशस्ति-पत्र और स्मृति-चिन्ह प्रदान कर राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा। इस गौरवमयी अवसर पर बस्तर जिले के सीएससी वीएलई रुद्राक्षन नेमा को ‘महतारी वंदन योजना’ के अंतर्गत पूरे राज्य में सर्वाधिक महिलाओं का सफलतापूर्वक ई-केवाईसी पूरा करने तथा सीएससी की सभी डिजिटल सेवाओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। वहीं सीएससी आधार ऑपरेटर मालती नेताम और गायत्री नाग को छत्तीसगढ़ भर में सबसे अधिक नए आधार नामांकन और आधार अद्यतन सेवाएं प्रदान करने के लिए पुरस्कृत किया गया। बस्तर जैसे दूरस्थ और आदिवासी बहुल क्षेत्र से निकलकर इन प्रतिनिधियों द्वारा राज्य स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करना जिले के लिए बड़े ही गर्व का विषय है।
इस समारोह को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि सीएससी आज केवल सरकारी सेवाएं उपलब्ध कराने का माध्यम नहीं रह गया है, बल्कि यह डिजिटल सशक्तिकरण, वित्तीय समावेशन और ग्रामीण विकास का एक मजबूत आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ अंचलों में कार्यरत वीएलई और आधार ऑपरेटर गांव-गांव तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाकर नागरिकों के जीवन को सुगम बना रहे हैं। ग्रामीणों को अब आधार, फसल बीमा, एग्रीस्टैक, पीएम-किसान, बैंकिंग और पेंशन जैसी सेवाओं के लिए शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ते, जिससे योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर मिल रहा है।
इस दौरान बस्तर जिले में सीएससी की विभिन्न परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला प्रबंधक श्री विकास बिसोई के नेतृत्व की भी सराहना की गई। उनके प्रभावी मार्गदर्शन और सतत मॉनिटरिंग के कारण ही जिले के वीएलई और आधार ऑपरेटर कई सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा पा रहे हैं। बस्तर के प्रतिनिधियों की यह सफलता न केवल जिले में हो रहे सकारात्मक बदलाव का प्रमाण है, बल्कि अंचल के अन्य सभी सीएससी संचालकों के लिए भी एक बड़ी प्रेरणा है।
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