
रायगढ़, 9 अगस्त 2026। जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष रायगढ़ में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी ने जिले के सभी राजपत्रित अधिकारियों, थाना एवं चौकी प्रभारियों की क्राइम मीटिंग ली। बैठक में जुलाई माह की पुलिस कार्रवाई की समीक्षा के साथ लंबित अपराधों, फरार आरोपियों, अवैध प्रवासियों, जुआ-सट्टा, नशे और अवैध शराब के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सख्त निर्देश दिए गए।
बैठक में 2025 और 2026 के प्रथम सात महीनों के अपराध आंकड़ों की तुलनात्मक समीक्षा की गई। एएसपी ने लंबित गंभीर अपराधों की थाना-वार समीक्षा करते हुए विवेचकों को मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। लंबित मर्ग और शिकायतों का भी समयसीमा में निराकरण सुनिश्चित करने कहा गया।

सामान्य अपराध 60 दिन में निपटाने के निर्देश
एएसपी अनिल सोनी ने अपराध दर्ज होने के बाद निर्धारित समयसीमा का पालन करने पर जोर दिया। उन्होंने सामान्य अपराधों का 60 दिवस के भीतर निराकरण करने तथा आवश्यक जानकारी CCTNS में अनिवार्य रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए। गंभीर मामलों में विवेचना को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने कहा गया।
आदतन अपराधियों पर धारा 129 BNSS के तहत कार्रवाई

संदिग्ध और आदतन अपराधियों पर प्रभावी प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के निर्देश देते हुए एएसपी ने कहा कि अपराध की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आदतन बदमाशों के खिलाफ धारा 129 BNSS (पूर्व धारा 110 CrPC) के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। जुआ-सट्टा, अवैध शराब और नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ पुलिस का सूचना तंत्र मजबूत करने पर भी जोर दिया गया।
होटल और मकान मालिकों की जानकारी ‘समाधान ऐप’ पर होगी दर्ज
अवैध प्रवासियों की जांच को लेकर भी पुलिस अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए। एएसपी ने कहा कि होटल संचालक और मकान मालिक अपने यहां ठहरने वाले व्यक्तियों और किरायेदारों की जानकारी रखें। थाना प्रभारियों को अभियान चलाकर यह जानकारी ‘समाधान ऐप’ पर अपलोड कराने के लिए नागरिकों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
डिजिटल पुलिसिंग और ऑनलाइन प्रक्रिया पर जोर
नवीन कानूनों के अनुरूप पुलिसिंग में डिजिटल तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। विवेचकों को प्रशिक्षण से जुड़कर नई कानूनी प्रक्रियाओं की जानकारी लेने, CCTNS, शिकायत पोर्टल और साइबर पोर्टल पर समय पर एंट्री पूरी करने तथा ई-समंस की तामिली सुनिश्चित करने कहा गया। न्यायालयीन ऑनलाइन पेशी में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश भी दिए गए।
महिला-बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता
एएसपी ने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, जुआ-सट्टा और नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई तथा अवैध गतिविधियों पर तत्काल अंकुश लगाने पर जोर दिया।
अधिक लंबित मामलों वाले थानों पर विशेष निगरानी
जिन थानों में अपेक्षाकृत अधिक मामले लंबित पाए गए, वहां एसडीओपी और थाना प्रभारियों को अधीनस्थ अधिकारियों- कर्मचारियों की बैठक लेकर लंबित मामलों के निराकरण की कार्ययोजना तैयार करने कहा गया। एएसपी ने स्पष्ट किया कि लंबित अपराधों के निराकरण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
क्राइम मीटिंग के बाद जिले में पदस्थ प्रशिक्षु उप निरीक्षकों के कार्यों की भी समीक्षा की गई। उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों एवं अनुभवी विवेचकों से अपराध विवेचना की बारीकियां सीखने तथा नए कानूनों और डिजिटल पुलिसिंग की प्रक्रिया को बेहतर ढंग से समझने के निर्देश दिए गए।
बैठक में एएसपी ट्रैफिक पुष्पेन्द्र बघेल, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांतो बनर्जी, एसडीओपी खरसिया सतीश भार्गव, आरआई अमित सिंह सहित जिले के सभी थाना एवं चौकी प्रभारी उपस्थित रहे।
एसएसपी शशि मोहन सिंह की मंशा के अनुरूप रायगढ़ पुलिस ने अपराध नियंत्रण, समयबद्ध विवेचना, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, आदतन अपराधियों पर प्रतिबंधात्मक कार्रवाई और डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने को प्राथमिकता देने का संदेश दिया है।
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