
OTP से लेकर डिजिटल अरेस्ट तक… साइबर ठगी के हर पैंतरे पर पुलिस ने किया अलर्ट, 1930 पर तत्काल शिकायत की अपील

कोरबा। साइबर अपराधियों के बढ़ते जाल के बीच कोरबा पुलिस ने जिलेभर में साइबर जागरूकता की मुहिम तेज कर दी है। छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक चल रहे अभियान में पुलिस की टीमें स्कूल-कॉलेज, गांव, बाजार, चौक-चौराहों और सार्वजनिक स्थानों तक पहुंचकर लोगों को साइबर ठगी से बचाव के तरीके बता रही हैं।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एवं अनुविभागीय पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में जिले के विभिन्न थाना एवं चौकी क्षेत्रों में लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
स्कूल-कॉलेज से गांव तक पहुंची पुलिस
अभियान के दौरान थाना कोतवाली क्षेत्र के शासकीय उत्तर माध्यमिक विद्यालय इमलीडुग्गू, सिविल लाइन रामपुर क्षेत्र के निहारिका, थाना दर्री क्षेत्र के सीपेट कॉलेज स्याहीमुड़ी, चौकी CSEB क्षेत्र के सरस्वती शिशु मंदिर बुधवारी, चौकी राजगामार, थाना श्यांग के ग्राम बरपाली, थाना हरदीबाजार के ग्राम चोड़हा और थाना दीपका क्षेत्र के KCC कैंप में साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इन कार्यक्रमों में विद्यार्थियों, ग्रामीणों, युवाओं और आम नागरिकों को साइबर अपराधियों के नए-नए तरीकों से सावधान रहने की समझाइश दी गई।

एक छोटी सी गलती और खाली हो सकता है बैंक खाता
पुलिस ने नागरिकों को विशेष रूप से OTP, ATM PIN, CVV, पासवर्ड और बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी से साझा नहीं करने की हिदायत दी। इसके साथ ही फर्जी लिंक, संदिग्ध QR Code, अनजान मोबाइल एप, फिशिंग लिंक, UPI फ्रॉड, सोशल मीडिया ठगी, जॉब फ्रॉड और फर्जी कॉल से सतर्क रहने की जानकारी दी गई।
“डिजिटल अरेस्ट” जैसे साइबर अपराधों को लेकर भी लोगों को जागरूक किया गया, ताकि डर या दबाव में आकर कोई व्यक्ति साइबर अपराधियों को पैसे ट्रांसफर न करे।
ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल
कोरबा पुलिस ने स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार हो जाता है तो बिना देरी किए 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं। पुलिस के मुताबिक समय पर सूचना मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने की कार्रवाई की संभावना बढ़ जाती है।
पोस्टर-बैनर और QR Code से भी जागरूकता
अभियान के तहत प्रमुख स्थानों पर पोस्टर और बैनर लगाए जा रहे हैं। QR Code के माध्यम से भी साइबर सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी लोगों तक पहुंचाई जा रही है।
साइबर जागृति की एक सेल्फी” से युवाओं को जोड़ा
अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए “साइबर जागृति की एक सेल्फी” थीम के माध्यम से विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों को भी अभियान से जोड़ा जा रहा है। पुलिस का उद्देश्य साइबर सुरक्षा के संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना और समाज में डिजिटल सतर्कता की भावना मजबूत करना है।
कोरबा पुलिस की अपील
कोरबा पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि साइबर अपराध से बचाव का सबसे मजबूत हथियार जागरूकता और सतर्कता है। किसी भी अनजान कॉल, मैसेज, लिंक, QR Code या ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार, मित्रों तथा आसपास के लोगों को भी जागरूक करें।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
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