
कोरबा। साइबर अपराधों के बढ़ते खतरे के बीच कोरबा पुलिस का साइबर जागृति अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। अभियान के दूसरे सप्ताह में पुलिस टीमों ने जिले के विभिन्न बैंकिंग संस्थानों, स्कूलों, औद्योगिक एवं सार्वजनिक क्षेत्रों में पहुंचकर नागरिकों को साइबर ठगी से बचाव के प्रति जागरूक किया।

पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के मार्गदर्शन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले के निर्देशन में 25 अगस्त को थाना कोतवाली, बालको, दर्री, दीपका, बांकीमोंगरा, सिविल लाइन, पाली, बांगो, रजगामार और चैतमा पुलिस द्वारा व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए।

इस दौरान दीपका के यूको बैंक, कटघोरा के एसबीआई, बांगो के लमना उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दर्री के छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक, गोपालपुर शासकीय विद्यालय, हरदीबाजार ग्रामीण बैंक, बालको ग्रामीण बैंक एवं आईसीआईसीआई बैंक, उरगा के एसबीआई एवं ग्रामीण बैंक, टीपी नगर के पीएनबी, कोतवाली क्षेत्र के एसबीआई पुराना बस स्टैंड, करतला एसबीआई तथा पसान के एसबीआई कियोस्क सेंटर में पुलिस टीमों ने नागरिकों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।
UPI और बैंक फ्रॉड से बचने बताए जरूरी उपाय

जागरूकता कार्यक्रमों में पुलिस ने नागरिकों को UPI फ्रॉड, OTP फ्रॉड, बैंकिंग धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक, APK फाइल और फर्जी वेबसाइट के जरिए होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी। पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, UPI PIN, पासवर्ड, बैंक खाते अथवा अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने नागरिकों को समझाया कि साइबर ठग अलग-अलग तरीकों से लोगों को झांसे में लेकर बैंक खाते से रकम निकाल सकते हैं। ऐसे में किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर जल्दबाजी में कार्रवाई करने के बजाय उसकी सत्यता की जांच करना बेहद जरूरी है।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि वे साइबर ठगी का शिकार होते हैं तो घबराने के बजाय तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। साथ ही cybercrime.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराएं।
पुलिस के अनुसार, साइबर ठगी की घटना के बाद जितनी जल्दी शिकायत दर्ज कराई जाती है, उतनी ही अधिक संभावना रहती है कि ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने में मदद मिल सके।
कोरबा पुलिस ने नागरिकों से “सतर्क रहें, सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाएं और साइबर अपराध के खिलाफ जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं” की अपील की है। अभियान के माध्यम से पुलिस का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को सुरक्षित बनाने के साथ आम नागरिकों को साइबर ठगों के नए-नए तरीकों के प्रति सजग करना है।
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