
रायगढ़। रक्षाबंधन के पावन पर्व पर रायगढ़ पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित “एक शाम राखी के नाम” कार्यक्रम ने पुलिस और आमजन के बीच विश्वास, स्नेह और सुरक्षा के रिश्ते को नई मजबूती दी। लायंस क्लब प्राइड की बहनों ने पुलिस अधिकारियों और जवानों की कलाई पर राखी बांधकर उन्हें अपना भाई माना, तो पुलिस अधिकारियों ने भी बहनों को उपहार भेंट कर उनकी सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया।



कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह, एडिशनल एसपी ट्रैफिक पुष्पेंद्र बघेल, डीएसपी उन्नति ठाकुर, एस.एन. सिंह सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। राखी बांधने के दौरान माहौल भावुक और आत्मीय नजर आया। पुलिस परिवार और लायंस क्लब प्राइड की बहनों के बीच यह आयोजन केवल रक्षाबंधन समारोह नहीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच मजबूत होते भरोसे का प्रतीक बनकर सामने आया।
महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता : एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा रायगढ़ पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। रक्षाबंधन हमें सुरक्षा, विश्वास और जिम्मेदारी के उस रिश्ते की याद दिलाता है, जिसे पुलिस हर परिस्थिति में निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने बताया कि महिलाओं और बच्चों की समस्याओं, शिकायतों एवं मार्गदर्शन के लिए रायगढ़ पुलिस द्वारा “हैलो सिस्टर” हेल्पलाइन नंबर 94792705 जारी किया गया है। हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों की जांच महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा की जाती है, ताकि जरूरतमंदों को संवेदनशीलता के साथ सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
एसएसपी ने कहा कि रायगढ़ की जनता और पुलिस-प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल और अपनापन जिले की बड़ी ताकत है। जनहित के कार्यों में नागरिकों की भागीदारी पुलिस को और बेहतर कार्य करने की ऊर्जा देती है। उन्होंने कहा कि रायगढ़ पुलिस आगे भी “सेवा, सुरक्षा और समर्पण” की भावना के साथ जनता की सुरक्षा और सम्मान के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करेगी।
इन बहनों ने बांधा पुलिस भाइयों को रक्षा सूत्र
कार्यक्रम में लायंस क्लब प्राइड की प्रेसिडेंट डॉ. सविता साव, कोषाध्यक्ष मनीषा वर्मा, आशा बेरीवाल, चंपा अग्रवाल, शिखा खजांची, डॉ. प्रियंका सक्सेना, रानू पटेल, भावना पुलस्तिया, रितु तायल, मंजू डालमिया, निर्मला बेरीवाल, तान्या साव, दीपिका साव एवं चरंजीत घई ने पुलिस अधिकारियों एवं जवानों को राखी बांधी।
राखी के इस पवित्र धागे में बहनों का स्नेह और विश्वास नजर आया, वहीं पुलिस भाइयों के संकल्प में सुरक्षा, सम्मान और सेवा की भावना दिखाई दी। “एक शाम राखी के नाम” ने रक्षाबंधन को एक ऐसे सामाजिक संदेश से जोड़ दिया, जहां राखी सिर्फ कलाई पर नहीं, बल्कि पुलिस और जनता के बीच भरोसे के रिश्ते पर भी बंधती नजर आई।
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