
पुलिस ने समझाया—OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी किसी से साझा न करें, संदिग्ध APK व लिंक से रहें दूर



जांजगीर-चांपा, 4 सितंबर 2026। बढ़ते सायबर अपराधों के बीच जांजगीर-चांपा पुलिस द्वारा आम नागरिकों को सायबर ठगी से बचाने के लिए चलाए जा रहे “सायबर जागृति अभियान” के तहत जिले के सीनियर सिटीजन एवं पेंशनर्स के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला पंचायत के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित कार्यक्रम में पेंशनर्स, सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी-कर्मचारी तथा विभिन्न विभागों से सेवानिवृत्त वरिष्ठ नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर डॉ. यूलैंडन यार्क के नेतृत्व में आयोजित किया गया। पुलिस अधिकारियों ने वरिष्ठ नागरिकों को सायबर अपराध के बदलते तरीकों की जानकारी देते हुए उनसे सतर्कता बरतने की अपील की।
पुलिस अधिकारी बनकर डराते हैं ठग
कार्यक्रम में बताया गया कि सायबर ठग अक्सर पुलिस अधिकारी, बैंक कर्मचारी, न्यायालय या किसी सरकारी विभाग का अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते हैं। इसके बाद गिरफ्तारी, बैंक खाते में अवैध लेन-देन या किसी आपराधिक मामले का डर दिखाकर रकम ऐंठने का प्रयास किया जाता है।
पुलिस ने विशेष रूप से “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर होने वाली ठगी से सावधान रहने की अपील की। अधिकारियों ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से पुलिस अधिकारी बनकर डराए और पैसे ट्रांसफर करने का दबाव बनाए तो घबराने के बजाय तत्काल पुलिस को सूचना दें।
OTP, PIN और बैंकिंग जानकारी कभी साझा न करें
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने समझाइश दी कि किसी भी अनजान व्यक्ति को OTP, ATM PIN, पासवर्ड, CVV या बैंक खाते से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। बैंक अथवा कोई वास्तविक सरकारी एजेंसी फोन पर ऐसी गोपनीय जानकारी मांगकर पैसे ट्रांसफर करने का दबाव नहीं बनाती।
संदिग्ध APK फाइल बनी ठगी का नया हथियार
पुलिस ने APK फाइलों को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। WhatsApp, SMS या सोशल मीडिया के माध्यम से अनजान नंबर से प्राप्त किसी भी संदिग्ध APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करने कहा गया।
पुलिस के अनुसार, ऐसी फाइलों के जरिए मोबाइल का डेटा, OTP और बैंकिंग संबंधी जानकारी चोरी कर सायबर ठगी की जा सकती है। इसलिए किसी भी संदिग्ध लिंक या फाइल पर क्लिक करने से बचना चाहिए।
ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत
पुलिस ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ सायबर ठगी हो जाती है तो बिना देरी किए सायबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को रोकने अथवा वापस कराने की संभावना बढ़ जाती है।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने वरिष्ठ नागरिकों से अपील की कि वे स्वयं जागरूक रहें और अपने परिवार के अन्य सदस्यों को भी सायबर अपराधों के प्रति सतर्क करें। पुलिस का संदेश स्पष्ट है—डरें नहीं, ठगों के दबाव में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।
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