
कोरबा, 06 सितम्बर 2026 । डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, एस.ई.सी.एल. कोरबा में अत्यंत गरिमामय एवं हर्षोल्लास के वातावरण में शिक्षक दिवस समारोह मनाया गया।
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सर्वप्रथम विद्यालय की प्राचार्या डॉ. चेतना शर्मा, शिक्षक- शिक्षिकाओं एवं विद्यार्थियों द्वारा भारत के प्रथम उप-राष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया।
तत्पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा शिक्षकों के सम्मान में रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम, गीत, नृत्य, कविता एवं नाट्य प्रस्तुतियाँ दी गईं। विद्यार्थियों ने अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए उनके योगदान को याद किया। विद्यालय के संगीत विभाग के विद्यार्थियों द्वारा समूह गीत ” शुक्रिया ” की मधुरिम प्रस्तुति दी गई । इसी कड़ी में कक्षा 12 की छात्रा भूमिका और समूह के बच्चों ने नृत्य की प्रस्तुति दीं जो अत्यंत सराहनीय रही। शाला नायिका श्रिया रात्रे ने शिक्षक दिवस की महत्ता पर सारगर्भित भाषण दिया, जिसकी सभी ने भूरि-भूरि प्रशंसा की।
इसी कड़ी में विद्यालय की प्राचार्या द्वारा एस.ई.सी.एल. द्वारा प्रायोजित उपहार देकर समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्यों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्राचार्या डॉ. चेतना शर्मा ने कहा, _“शिक्षक समाज एवं राष्ट्र निर्माण के सशक्त आधार स्तंभ हैं। शिक्षक केवल ज्ञान का संचार ही नहीं करते, बल्कि विद्यार्थियों में नैतिक मूल्यों, अनुशासन एवं जिम्मेदारी की भावना का भी विकास करते हैं।”_ उन्होंने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए उनके उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।
इसके पश्चात शिक्षक की भूमिका में आए विद्यार्थियों ने कनिष्ठ कक्षाओं में जाकर अध्यापन कार्य किया।
कार्यक्रम के द्वितीय सत्र में शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं अन्य सदस्यों के लिए संगीत कुर्सी दौड़, अंताक्षरी आदि विभिन्न खेलों का आयोजन किया गया, जिसका सभी ने भरपूर आनंद उठाया। विजयी प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया गया।
कक्षा 12वीं के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं के नेतृत्व में दो सत्रों में विभाजित दिन भर चले इस भव्य एवं अविस्मरणीय समारोह का सफल संचालन कक्षा 12वीं की छात्रा अक्षदा चौरसिया द्वारा किया गया। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय प्रबंधन, एस.ई.सी.एल. कोरबा सहित समस्त शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक सदस्यों का विशेष योगदान रहा।
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