जशपुर/बगीचा। जिला पंचायत सदस्य आशिका कुजूर ने जनपद पंचायत बगीचा के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि कथित कमीशनखोरी के कारण बिना रिश्वत दिए फाइलें आगे नहीं बढ़ाई जातीं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 15वें वित्त आयोग एवं विकास निधि से पूर्ण कराए गए उनके कार्यों की भुगतान फाइलें पिछले कई महीनों से लंबित हैं। कमीशन देने से इनकार करने के कारण मूल्यांकन, सत्यापन और भुगतान में जानबूझकर देरी की जा रही है।
आशिका कुजूर ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को मिलने वाली सीमित विकास निधि जनता की संपत्ति है। इसका उपयोग विकास कार्यों में होना चाहिए, न कि कथित कमीशनखोरी में।
उन्होंने माँग की कि केवल उनके कार्यों की नहीं, बल्कि जनपद पंचायत बगीचा के सभी निर्माण कार्यों की निष्पक्ष जाँच कराई जाए। प्रत्येक कार्य की स्वीकृत राशि, गुणवत्ता, वास्तविक निर्माण और भुगतान का हिसाब सार्वजनिक किया जाए। साथ ही, लंबित भुगतानों का शीघ्र निराकरण हो तथा आरोप प्रमाणित होने पर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
आशिका कुजूर ने स्पष्ट कहा, “अब संवाद नहीं, आंदोलन होगा! जनता के पैसे का हिसाब माँगना मेरा अधिकार है। भ्रष्टाचार के दबाव में न झुकूँगी, न जनता के अधिकारों की लड़ाई से पीछे हटूँगी।”
उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर लंबित फाइलों का निराकरण करने और पूरे जनपद में पारदर्शी जाँच सुनिश्चित करने की माँग की है।





