रायगढ़ में सनसनीखेज वारदात का खुलासा, एक युवक और चार नाबालिग अभिरक्षा में; हत्या में प्रयुक्त बटन चाकू, खून से सने कपड़े और बाइक जब्त
रायगढ़। बिरयानी खाने के लिए रुपये जुटाने की चाहत में कथित तौर पर लूटपाट करने निकले नशे के आदी युवकों ने एक व्यक्ति की बेरहमी से हत्या कर दी। ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास ट्रक के किनारे सो रहे व्यक्ति की जेब से रुपये निकालने के दौरान उसकी नींद खुल गई। विरोध करने पर आरोपियों में से एक नाबालिग ने बटन चाकू से उसके सीने, कंधे, जांघ, पीठ और भुजा पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण व्यक्ति की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी उसकी जेब से 700 रुपये लेकर फरार हो गए।
मामले में रायगढ़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 24 घंटे के भीतर हत्या की गुत्थी सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने 19 वर्षीय युवक राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बटन चाकू, घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास मिला था अज्ञात शव
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 24 अक्टूबर 2026 की सुबह थाना जूटमिल पुलिस को ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड के पास एक अज्ञात पुरुष का शव पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारियों, थाना जूटमिल की टीम और फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया।
मृतक की उम्र लगभग 35 से 40 वर्ष आंकी गई। उसके सीने और कंधे सहित शरीर के कई हिस्सों में चोट के निशान मिले। मृतक की तत्काल पहचान नहीं हो पाने के कारण पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को मरच्युरी में सुरक्षित रखवाया।
अगले दिन चिकित्सकों से प्राप्त शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु की प्रकृति हत्यात्मक बताए जाने के बाद थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 656/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों से मिला सुराग
शहर में हुई इस गंभीर वारदात को देखते हुए एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले के शीघ्र खुलासे के निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी घटनास्थल पहुंचे और जांच टीम को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। संदिग्धों के हुलिए और घटना के समय उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई गई। इसी दौरान पुलिस को करीब 15 से 16 वर्ष के लड़कों की संदिग्ध भूमिका की सूचना मिली।
इसके बाद पुलिस ने मुखबिरों को सक्रिय करते हुए मिट्ठूमुड़ा, बजरंगपारा और सांगीतराई क्षेत्र में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान राजेश्वर सारथी उर्फ समारू और चार विधि से संघर्षरत बालकों को अभिरक्षा में लिया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में उन्होंने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
नशे की लत और लूटपाट से जुटाते थे पैसे
पुलिस की पूछताछ में सामने आए तथ्यों के अनुसार, आरोपी नशा करने के आदी थे। वे कथित तौर पर कबाड़ चोरी करने के अलावा शराब के नशे में रहने वाले लोगों, बुजुर्गों और रेलवे स्टेशन तथा बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थानों पर रात में अकेले आने-जाने वाले व्यक्तियों को निशाना बनाते थे। उनसे मोबाइल और रुपये लूटकर मिलने वाली रकम खाने-पीने तथा अन्य जरूरतों पर खर्च की जाती थी।
पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक 23 अक्टूबर की रात करीब एक बजे सभी आरोपी नशे की हालत में थे। इसी दौरान कुछ लड़कों ने बिरयानी खाने की इच्छा जताई। रुपये जुटाने के लिए उन्होंने लूटपाट की योजना बनाई और दो लड़के एचएफ डीलक्स मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 M 3674 से ट्रांसपोर्ट नगर बस स्टैंड पहुंचे। उनके पीछे तीन अन्य लड़के भी वहां पहुंच गए।
वहां फल की दुकान के बगल में सड़क किनारे खड़े ट्रक के पास उन्हें एक व्यक्ति सोता हुआ दिखाई दिया। आरोपियों ने उसकी जेब से रुपये और मोबाइल निकालने की कोशिश की। इसी बीच व्यक्ति जाग गया और उसने विरोध किया। आरोप है कि विरोध से नाराज एक विधि से संघर्षरत बालक ने बटन चाकू निकालकर उस पर लगातार कई वार कर दिए।
इसके बाद आरोपी मृतक की जेब से 700 रुपये लेकर वहां से चले गए और रकम आपस में बांट ली। पुलिस अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
हत्या के साथ संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी
पुलिस ने बताया कि आरोपियों के मेमोरेंडम और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 के तहत संगठित अपराध की धारा भी जोड़ी गई है। आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल बटन चाकू, घटना के समय पहने गए रक्तरंजित कपड़े और मोटरसाइकिल जब्त की गई है।
मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। पुलिस आरोपियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने तथा नियमानुसार आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है।
एसएसपी ने पुलिस टीम को इनाम देने की घोषणा की
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने मामले का त्वरित खुलासा करने वाली पुलिस टीम को उचित पुरस्कार देने की घोषणा की है। साथ ही, जांच में महत्वपूर्ण सुराग उपलब्ध कराने वाले नागरिकों को सम्मानित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
कार्रवाई में एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी और सीएसपी राहुल उईके के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक अभिनव कांत सिंह, प्रशिक्षु उपनिरीक्षक दिव्या बंजारे, वेदवती कुमेटी, एएसआई राजेंद्र पटेल, प्रधान आरक्षक सतीश पाठक, राजेश पटेल, लोमश राजपूत तथा आरक्षक नरेश रजक, सुशील यादव, तरुण महिलाने, संजय एक्का, शांति मिरी और परमानंद पटेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी का संदेश: गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई प्राथमिकता
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि अपराध कर कानून से बच निकलने की मंशा रखने वालों के विरुद्ध रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। आम नागरिकों की सुरक्षा और गंभीर अपराधों पर त्वरित कार्रवाई पुलिस की प्राथमिकता है। अपराध में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर अकेले मौजूद लोगों की सुरक्षा और नशे से जुड़ी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण की आवश्यकता को सामने ला दिया है। मामले में मृतक की पहचान और अन्य तथ्यों से संबंधित जांच की स्थिति भी महत्वपूर्ण रहेगी।





