पामगढ़ में दो लोगों की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस की कार्रवाई, मुख्य आरोपी राजा उर्फ कमलनाथ खरे गिरफ्तार, घटनास्थल से शराब की खाली बोतल और सुहागा की पुड़िया जब्त
जांजगीर-चांपा, 25 अक्टूबर 2026। जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में दो लोगों की मौत के मामले का पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने प्रेसवार्ता में खुलासा किया। उन्होंने बताया ग्राम पनगांव निवासी जोहित खरे और नेवराबंद निवासी रामखिलावन जांगड़े की मौत के पीछे कथित तौर पर 10 लाख रुपये का लेन-देन और उससे उपजा विवाद था। मामले में राजा उर्फ कमलनाथ खरे को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उसने दोनों को शराब में सुहागा मिलाकर पिलाया था। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजने की कार्रवाई की जा रही है।


शराब पीने के बाद बिगड़ी थी दोनों की तबीयत
पुलिस के अनुसार, 23 अक्टूबर 2026 की रात ग्राम कुटराबोड़ स्थित हेलीपैड के पास एक चखना दुकान में शराब पीने के बाद जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े की तबीयत अचानक बिगड़ गई। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। जोहित खरे को बिलासपुर के अपोलो अस्पताल और रामखिलावन जांगड़े को सिम्स में भर्ती कराया गया, जहां 24 अक्टूबर को उपचार के दौरान दोनों की मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलने पर पामगढ़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। सिम्स अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद मिली रिपोर्ट में जहरीले पदार्थ की आशंका सामने आने पर पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।
मृतक की बेटी के बयान से सामने आया 10 लाख रुपये का विवाद
मृतक जोहित खरे की बेटी मनीषा खरे की रिपोर्ट के अनुसार, राजा उर्फ कमलनाथ खरे ने करीब चार महीने पहले उनके पिता से घरेलू खर्च के नाम पर 10 लाख रुपये उधार लिए थे। आरोप है कि रकम लौटाने के लिए दिए गए 5.50 लाख और 6 लाख रुपये के दो चेक बैंक में जमा करने पर बाउंस हो गए थे।
परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन 23 अक्टूबर को भी जोहित खरे ने राजा खरे से फोन पर अपनी रकम वापस करने के संबंध में बात की थी। इस पर राजा ने शाम को मिलने और पैसे देने की बात कही थी।
पुलिस जांच में सामने आया कि इसी आर्थिक विवाद के चलते आरोपी कथित तौर पर परेशान था और उसने जोहित खरे की हत्या की योजना बनाई थी। पुलिस के अनुसार, इस योजना में रामखिलावन जांगड़े भी घटना का शिकार बन गए।
शराब की बोतल में सुहागा मिलाने का आरोप
पुलिस की पूछताछ में सामने आए घटनाक्रम के मुताबिक, राजा खरे ने मुकेश कश्यप को पैसे देकर इम्पीरियल ब्लू ब्रांड की तीन क्वार्टर शराब खरीदवाई थी। इसके बाद दोनों ने शराब पी। फिर राजा ने फोन कर जोहित खरे और रामखिलावन जांगड़े को कुटराबोड़ हेलीपैड के पास बुलाया।
पुलिस का आरोप है कि दोनों के पहुंचने पर राजा ने अपने पास रखी पुड़िया से सुहागा निकालकर शराब की एक क्वार्टर बोतल में मिला दिया और वह शराब दोनों को पीने के लिए दी। शराब पीने के बाद दोनों की तबीयत बिगड़ने लगी। इसी दौरान पुलिस की गाड़ी दिखाई देने पर मुकेश कश्यप वहां से चला गया। बाद में दोनों की उपचार के दौरान मौत हो गई।
साइबर तकनीक और घटनास्थल के पुनर्निर्माण से जांच को आगे बढ़ाया
जांजगीर-चांपा पुलिस के अनुसार, मामले की जांच में साइबर तकनीकी साक्ष्यों, गवाहों के बयानों और घटनास्थल के पुनर्निर्माण का सहारा लिया गया। इन साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी राजा उर्फ कमलनाथ खरे को हिरासत में लिया।
पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर जोहित खरे से 10 लाख रुपये उधार लेने और ट्रेडिंग में नुकसान होने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक, रकम वापस करने के लिए लगातार दबाव पड़ने से उसने हत्या की योजना बनाई थी।
आरोपी की निशानदेही पर घटनास्थल के पास से शराब की खाली बोतल और सुहागा की पुड़िया जब्त की गई है। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
दो मौतों से इलाके में सनसनी
पैसों के लेन-देन से जुड़े विवाद में दो लोगों की मौत के इस मामले ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है। प्रकरण में अन्य व्यक्तियों की भूमिका और सभी परिस्थितियों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया में होगा।





