
जांजगीर-चांपा। सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जांजगीर- चांपा पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के तहत जनजागरूकता अभियान चलाकर ग्रामीणों, महिलाओं और स्कूली बच्चों को नए कानूनों, साइबर सुरक्षा और नशामुक्ति के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (आईपीएस) के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम को लोगों ने सराहनीय पहल बताया।

थाना चांपा क्षेत्र के घोघरानाला में सीएसपी योगिताबाली खापर्डे तथा ग्राम बिर्रा में आयोजित वार्षिक मेले के दौरान डीएसपी (अजाक) सतरूपा तारम के नेतृत्व में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, महिलाएं, शिक्षक एवं ग्रामीण शामिल हुए।
नई न्याय संहिताओं की दी जानकारी
पुलिस अधिकारियों ने लोगों को भारतीय न्याय संहिता (BNS), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (BSA) के बारे में सरल भाषा में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि नए कानूनों के लागू होने से न्याय प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, सरल और त्वरित हुई है।
ई-एफआईआर और जीरो एफआईआर की समझाइश
कार्यक्रम के दौरान नागरिकों को एफआईआर से संबंधित नई सुविधाओं की जानकारी भी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि अब ई-एफआईआर के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। वहीं जीरो एफआईआर की व्यवस्था के तहत किसी भी थाना क्षेत्र में घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। साथ ही गवाहों के डिजिटल बयान दर्ज किए जाने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
साइबर अपराधों से बचाव के बताए उपाय
पुलिस अधिकारियों ने ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया से जुड़े अपराधों से बचने के लिए लोगों को जागरूक किया। उन्होंने अनजान कॉल, संदेश और संदिग्ध लिंक से सतर्क रहने की सलाह देते हुए साइबर हेल्पलाइन 1930 की जानकारी साझा की।
नशामुक्त समाज निर्माण का आह्वान
कार्यक्रम में ग्रामीणों और महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने की अपील की गई। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि सामाजिक सहभागिता और जागरूकता से ही अपराध मुक्त एवं सुरक्षित समाज का निर्माण संभव है।
सुरक्षित और जागरूक समाज के लिए सामुदायिक पुलिसिंग जरूरी
इस अवसर पर सीएसपी योगिताबाली खापर्डे ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने देश को एकता का संदेश दिया था। उसी भावना के साथ पुलिस का प्रयास है कि प्रत्येक नागरिक कानून की जानकारी प्राप्त करे और अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूक बने। उन्होंने कहा कि सामुदायिक पुलिसिंग के माध्यम से ही सुरक्षित, जागरूक और जिम्मेदार समाज का निर्माण किया जा सकता है।
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