featuredकोरबाछत्तीसगढ़

NKH में मिलेगी संपूर्ण न्यूरो केयर एक ही छत के नीचे..

कोरबा। जिले के सुपर स्पेशियलिटी न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में स्वास्थ्य सेवाओं का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है। इसी क्रम में अस्पताल के सम्पूर्ण न्यूरो केयर डिपार्टमेंट का शुभारंभ किया है। इसमें अब न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और न्यूरो फिजियोथैरेपी तीनों सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। अस्पताल में न्यूरोसर्जन डॉ. शिवानी द्वारा दूरबीन मिनिमली इनवेसिव पद्धति से स्पाइन सर्जरी की सुविधा दी जा रही है। इस आधुनिक तकनीक से सर्जरी के बाद मरीज को कुछ ही दिन के भीतर डिस्चार्ज किया जा सकेगा। न्यू कोरबा हॉस्पिटल में 24 घंटे आपातकालीन सेवा भी उपलब्ध है, जहां देर रात गंभीर मरीज के आने पर भी विशेषज्ञ टीम तत्परता से उपचार शुरू करती है।

अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि न्यूरो संबंधी सर्जरी के लिए अब मरीजों को बड़े शहरों की ओर रुख नहीं करना पड़ेगा। इससे समय, खर्च और परेशानी तीनों में बचत होगी और कोरबा में ही उच्चस्तरीय न्यूरो केयर संभव हो सकेगा।

आयुष्मान सहित सभी बीमा सुविधाएं
NKH में आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्ण उपचार सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ ही सभी प्रमुख निजी हेल्थ कार्ड/बीमा भी स्वीकार किए जाते हैं।

पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी
कोरबा में पहली बार एंडोस्कोपिक स्पाइन सर्जरी की सुविधा शुरू की गई है। यह अत्याधुनिक सर्जरी अब सुपर स्पेशियलिटी न्यू कोरबा हॉस्पिटल (NKH) में उपलब्ध है। इस तकनीक से बिना बड़े चीरे के दूरबीन द्वारा रीढ़ की हड्डी का ऑपरेशन किया जाता है, जिससे मरीज को कम दर्द होता है. इस सुविधा के शुरू होने से अब कोरबा के मरीजों को स्पाइन सर्जरी के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा।

न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और फिजियोथैरेपी में अंतर
अक्सर दिमाग और नसों से जुड़ी बीमारियों में न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी और फिजियोथैरेपी को एक ही समझ लिया जाता है, जबकि ये तीनों अलग-अलग चिकित्सा विशेषज्ञताएँ हैं और प्रत्येक की भूमिका अलग होती है।
न्यूरोलॉजी (Neurology) दिमाग, रीढ़ की हड्डी और नसों से जुड़ी बीमारियों का बिना ऑपरेशन इलाज करने वाली चिकित्सा शाखा है। न्यूरोलॉजिस्ट रोग की पहचान कर दवाओं के माध्यम से उपचार करते हैं तथा EEG, CT, MRI इत्यादि जैसी जांचों से मरीज की स्थिति का लंबे समय तक प्रबंधन करते हैं। सरल शब्दों में, नसों की बीमारी का दवा से इलाज न्यूरोलॉजी में किया जाता है।

न्यूरोसर्जरी (Neurosurgery) उन रोगों का इलाज करती है, जिनमें सर्जरी की आवश्यकता होती है। न्यूरोसर्जन दिमाग और रीढ़ की हड्डी की सर्जरी करते हैं। ब्रेन ट्यूमर, सिर की गंभीर चोट, ब्रेन ब्लीड, स्लिप डिस्क, स्पाइनल स्टेनोसिस, स्ट्रोक में खून का थक्का निकालना, ट्राइजेमिनल न्यूराल्जिया, हाइड्रोसेफेलस और एन्यूरिज्म जैसी जटिल समस्याओं का सर्जिकल उपचार इसी विभाग में किया जाता है।

फिजियोथैरेपी बीमारी या सर्जरी के बाद मरीज को दोबारा सामान्य जीवन में लौटाने में मदद करती है। फिजियोथैरेपिस्ट व्यायाम और विशेष थेरेपी के माध्यम से ताकत, संतुलन और चलने-फिरने की क्षमता बढ़ाते हैं। स्ट्रोक, पैरालिसिस, गर्दन व कमर दर्द, स्लिप डिस्क, न्यूरोसर्जरी के बाद तथा मांसपेशियों की कमजोरी के मामलों में फिजियोथैरेपी बेहद जरूरी होती है।
सरल भाषा में कहें तो न्यूरोलॉजिस्ट दवा से इलाज करते हैं, न्यूरोसर्जन सर्जरी करते हैं और फिजियोथैरेपिस्ट मरीज को फिर से सामान्य चलने-फिरने लायक बनाते हैं। न्यू कोरबा हॉस्पिटल में आयुष्मान के अलावा सभी प्रकार के बीमा कंपनियों के कार्ड की सुविधा भी उपलब्ध है।

newsagradoot

News Agradeoot is a trusted Hindi news website delivering the latest breaking news, local updates, national headlines, and in-depth analysis from India and around the world. We focus on politics, education, technology, business, entertainment, and social issues, providing accurate, fast, and unbiased journalism. Our mission is to keep readers informed with reliable news, fact-checked stories, and real-time updates. News Agradeoot believes in responsible digital journalism and reader-first reporting.

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button