
सुशासन तिहार के आवेदनों के गुणवत्तापूर्ण निराकरण के निर्देश, विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र और आधार अपडेट के लिए चलेगा अभियान


कोरबा। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने समय सीमा की बैठक में अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रीष्म ऋतु को देखते हुए शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में सुचारू पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने नगर निगम आयुक्त, सीएमओ एवं पीएचई विभाग को स्पष्ट निर्देश दिए कि कहीं भी पेयजल संकट की स्थिति उत्पन्न नहीं होनी चाहिए तथा खराब हैंडपंपों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।
कोरबा कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय सीमा की बैठक में कलेक्टर ने पीएमओ, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, मानव अधिकार आयोग सहित अन्य लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निराकरण एवं आवेदकों को जानकारी देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के अंतर्गत प्राप्त सभी आवेदनों को सूचीबद्ध कर संबंधित विभागों को भेजा जाए तथा निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने एसडीएम को तहसील स्तर पर आवेदनों की नियमित समीक्षा करने और मांग संबंधी प्रकरणों का परीक्षण कर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार के तहत आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में सभी विभागीय अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण करें। साथ ही ग्रामीणों को शासन की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में विद्यार्थियों के जाति प्रमाणपत्र एवं आधार अपडेट को लेकर भी विशेष निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को सात दिवस के भीतर अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों की स्कूलवार सूची प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही अपार आईडी एवं बायोमेट्रिक अपडेट की प्रक्रिया समय सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश दिए।
सेवा सेतु से प्राप्त आवेदनों के निराकरण हेतु प्रशिक्षण आयोजित करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए। वहीं पीएम आवास योजना (शहरी) अंतर्गत दादरखुर्द में एक सप्ताह के भीतर विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने के निर्देश विद्युत विभाग के ईई को दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान चलाने, लक्षित क्षेत्रों में टीबी जांच बढ़ाने तथा इस कार्य में एनजीओ का सहयोग लेने के निर्देश दिए। उन्होंने सिकलसेल जांच एवं प्रमाणपत्र वितरण की प्रगति की भी समीक्षा की। महिला एवं बाल विकास विभाग को कुपोषण मुक्ति अभियान तेज करने तथा महतारी वंदन योजना के हितग्राहियों का ई-केवाईसी पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
जल संरक्षण को लेकर कलेक्टर ने जल संसाधन विभाग एवं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को गांव-गांव सर्वे कर नदी-नालों को चिन्हित करने तथा पानी की आवश्यकता वाले क्षेत्रों में स्थायी संरचनाओं के निर्माण हेतु रिपोर्ट तैयार करने को कहा, ताकि वर्षभर जल उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
बैठक में ई-डिस्ट्रिक्ट सेवा 2.0 के अंतर्गत ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का समय सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। जनपद सीईओ एवं नगरीय निकायों के सीएमओ को स्वनिधि योजना के तहत प्राप्त आवेदनों का 10 दिवस के भीतर निराकरण कर हितग्राहियों को लाभान्वित करने को कहा गया।
इसके अलावा स्कूलों के आसपास से ठेले हटाने, शहरी तालाबों का सीमांकन, रेत घाटों पर कार्रवाई, भू-अर्जन एवं भू-आबंटन के लंबित मामलों की समीक्षा, पीएम सूर्यघर योजना में प्रगति लाने तथा अधिकारियों को अपने प्रभार वाले पंचायतों में नियमित भ्रमण करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर ने जनजाति गरिमा उत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को शासन की योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए। साथ ही सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों एवं ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के तहत शहरी क्षेत्रों में गीले एवं सूखे कचरे के पृथक्करण, निर्धारित रंग के डिब्बों में संग्रहण तथा उचित उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों के सहयोग से मॉडल वार्ड विकसित करने पर भी जोर दिया।
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