
13 बच्चों से शुरू हुआ कारवां, 60 साल में बना शिक्षा का मुकाम
कोरबा। सीएसईबी कोरबा पूर्व स्थित बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल ने अपनी शैक्षणिक यात्रा के 60 वर्ष पूरे होने पर हीरक जयंती (डायमंड जुबली) समारोह हर्षोल्लास के साथ मनाया। वर्ष 1966 को अमेरिकन मिशनरी रेव्ह. एल.डब्ल्यू. जेक्सन और मटिलदा जेक्सन द्वारा महज 13 छात्र-छात्राओं से शुरू हुआ यह विद्यालय आज कोरबा ही नहीं, बल्कि बिलासपुर संभाग के प्रमुख अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। विद्यालय से शिक्षा प्राप्त विद्यार्थी देश-विदेश में उच्च पदों के साथ प्रशासनिक व विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
समारोह की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्या वाय.ए. नाथन ने की। कार्यक्रम में क्रिश्चियन मेनो. एजुकेशन सोसाइटी के अध्यक्ष पी.बी. सोना, मुख्य अतिथि डीएसपीएम के मुख्य अभियंता संजीव कंसल तथा विशिष्ट अतिथि अधीक्षण अभियंता अमित फुटाने मंचस्थ रहे। समारोह में वार्षिक परीक्षा में उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले कक्षा पांचवीं, आठवीं, दसवीं और बारहवीं के छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व शील्ड प्रदान कर सम्मानित किया गया। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विभिन्न सांस्कृतिक व रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति देकर समारोह को यादगार बना दिया। मंच संचालन ए. खानम, आर. कांत तथा शाला नायक अयान खान ने किया। कार्यक्रम में शिक्षिका पी. तिवारी, आर.आर. साहू, पी. तिग्गा, पी. किंडो, आर.के.पी. नंद, ए. कुमार, एन. साहू, आर. साहू, एस. मोंगरे, वी. मिश्रा, राका निर्मलकर सहित अन्य शिक्षक- शिक्षिकाएं व पालकगण उपस्थित रहे। समारोह के अंत में अतिथियों व विद्यालय परिवार ने केक काटकर 60 वर्षों की यात्रा का जश्न मनाया। इसके बाद सभी बच्चों को केक वितरित किया गया।
अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने की आदत को बनाएं जीवन का हिस्सा : कंसल
मुख्य अतिथि श्री कंसल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यालय केवल परीक्षा में अंक हासिल करने का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने का स्थान है। उन्होंने विद्यार्थियों से अनुशासन, मेहनत और निरंतर सीखने की आदत को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्कूली जीवन में सीखी गई छोटी-छोटी बातें ही आगे चलकर व्यक्तित्व और सफलता की मजबूत नींव बनती हैं। श्री फुटाने ने कहा कि स्कूली जीवन की यादें व्यक्ति के जीवन में हमेशा सबसे अनमोल रहती हैं और यही दौर सपनों को आकार देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार और सकारात्मक सोच ही विद्यार्थी को समाज और देश के लिए उपयोगी नागरिक बनाती है।
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