
बिलासपुर, 12 जुलाई। बिलासपुर पुलिस के “चेतना अभियान” के तहत नागरिक संगठनों के सहयोग से शनिवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, तखतपुर में “मासिक धर्म जागरूकता कार्यक्रम” का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सशक्तिकरण को बढ़ावा देना था। इस दौरान मासिक धर्म से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी देने के साथ ही साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा, आत्मरक्षा और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी छात्राओं को जागरूक किया गया।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कलेक्टर संजय अग्रवाल तथा विशिष्ट अतिथि डीआईजी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह शामिल हुए। अध्यक्षता नगर पालिका परिषद तखतपुर की अध्यक्ष डॉ. पूजा मक्कड़ ने की। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं मां सरस्वती के पूजन के साथ हुई।

विशेषज्ञों ने छात्राओं को मासिक धर्म से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारी, व्यक्तिगत स्वच्छता, संतुलित आहार, स्वास्थ्य सुरक्षा और सामाजिक भ्रांतियों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म महिलाओं के जीवन की एक सामान्य एवं प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे लेकर जागरूकता और स्वच्छता बेहद आवश्यक है।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा के साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए जरूरी है। उन्होंने किशोरियों को सही जानकारी प्राप्त कर स्वास्थ्य, शिक्षा और अनुशासन को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

डीआईजी-एसएसपी रजनेश सिंह ने छात्राओं को आत्मविश्वासी, सजग और निर्भीक बनने की प्रेरणा देते हुए साइबर अपराधों से बचाव, महिला सुरक्षा और आत्मरक्षा के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में पुलिस सदैव उनकी सहायता के लिए उपलब्ध है।
कार्यक्रम के दौरान चेतना अभियान के विभिन्न आयामों पर भी चर्चा की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे ने सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और दुर्घटनाओं से बचाव के उपायों की जानकारी देते हुए छात्राओं से स्वयं जागरूक बनने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की।
इस अवसर पर मिडिल स्कूल की छात्राओं को कॉपी, पेन, पेंसिल सहित शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। उत्कृष्ट छात्राओं, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और संस्था प्रमुखों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्राओं, शिक्षकों, जनप्रतिनिधियों और नागरिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।




