
बिलासपुर,30 जुलाई 2026। कोटा पुलिस ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित बाँस का डंडा और घटना के समय पहने गए खून से सने कपड़े बरामद कर जब्त किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 29 जुलाई 2026 की रात करीब 9:10 बजे ग्राम खुरदूर स्थित विकास किराना स्टोर के सामने दुकान के सामान और पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि सिदेशी बघेल (42 वर्ष) पर बाँस के डंडे से ताबड़तोड़ हमला कर दिया गया। गंभीर चोटों के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही थाना कोटा पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर जांच शुरू की। घटनास्थल का निरीक्षण, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने निखिल यादव (23 वर्ष), निवासी कलारतराई, बजरंग चौक, कोटा तथा अंकुश रजक (22 वर्ष), निवासी ग्राम खुरदूर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार किया, जिसके बाद उनकी निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रक्तरंजित बाँस का डंडा और खून से सने कपड़े बरामद किए गए।
पुलिस ने मेमोरेंडम और जब्ती की पूरी कार्रवाई की ई-साक्ष्य ऐप के माध्यम से वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी कर डिजिटल साक्ष्य भी सुरक्षित किए। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर चिकित्सीय परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
यह कार्रवाई पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह एवं एसडीओपी नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन तथा थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज के नेतृत्व में की गई।
इस सफलता में थाना प्रभारी शशिकांत भारद्वाज, उपनिरीक्षक शिव कुमार साहू, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव तथा आरक्षक संजय श्याम, जलेश्वर साहू, खिलावन नेताम, कौशल बिंझवार और विनोद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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