
रायपुर। छत्तीसगढ़ और पश्चिमी ओडिशा के बीच अंतर्राज्यीय संपर्क, पर्यटन, जल संरक्षण और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास को लेकर भाजपा नुआपड़ा के जिला महामंत्री अभिनंदन पांडा एवं तुलस पटेल तथा मंडल अध्यक्ष सदानंद जोशी ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से रायपुर स्थित उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री को विस्तृत ज्ञापन सौंपकर विभिन्न विकास कार्यों की मांग रखी।
ज्ञापन में छत्तीसगढ़–पश्चिमी ओडिशा संयुक्त पर्यटन सर्किट विकसित करने के साथ बागबाहरा–जतमई–घटारानी–ओडिशा बॉर्डर–पटोरा–नुआपड़ा मार्ग के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव रखा गया। इसके अलावा राजिम–फिंगेश्वर–छुरा–ओडिशा बॉर्डर–साराबोंग–नुआपड़ा तथा धमतरी–गरियाबंद–ओडिशा बॉर्डर–धरमबांधा–नुआपड़ा मार्गों को बेहतर बनाकर बीजू एक्सप्रेसवे से जोड़ने की मांग की गई।
प्रतिनिधिमंडल ने जोंक नदी पर उच्चस्तरीय एवं चार-लेन पुलों के निर्माण तथा पुराने जर्जर पुलों के स्थान पर बेहतर अंतर्राज्यीय संपर्क व्यवस्था विकसित करने का सुझाव दिया। वहीं जोंक नदी के जल संरक्षण एवं सिंचाई विकास के लिए दोनों राज्यों के समन्वय से बैराज एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाओं की संभावनाओं का परीक्षण कराने की मांग भी रखी गई।
ज्ञापन में छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती क्षेत्रों में निवास करने वाले चुक्तिया भुंजिया समुदाय के लिए उचित मान्यता, कल्याणकारी योजनाओं और विकासात्मक सहयोग का विषय भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखा गया।
प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, कृषि, रोजगार, परिवहन और स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही छत्तीसगढ़ और पश्चिमी ओडिशा के सीमावर्ती क्षेत्रों के सामाजिक-आर्थिक विकास को गति मिलने के साथ दोनों राज्यों के ऐतिहासिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध भी और मजबूत होंगे।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा रखे गए सभी विषयों को गंभीरतापूर्वक सुना और सकारात्मक सहयोग एवं आवश्यक पहल का आश्वासन दिया। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री का समय देने और सकारात्मक दृष्टिकोण के लिए आभार व्यक्त किया।
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