
लाला जगदलपुरी ग्रन्थालय में प्रेरणादायक संवाद कार्यक्रम आयोजित

जगदलपुर, 25 जुलाई 2026/ लाला जगदलपुरी केंद्रीय ग्रन्थालय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अत्यंत प्रेरणादायक एवं आत्मीय संवाद कार्यक्रम का आयोजन शुक्रवार को किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में कलेक्टर आकाश छिकारा, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तन्मय खन्ना और सहायक कलेक्टर श्री यशवंत नायक शामिल हुए।
इस संवाद के दौरान अधिकारियों ने सिविल सेवा परीक्षा की अपनी तैयारी के दिनों और प्रशासनिक यात्रा से जुड़े व्यक्तिगत अनुभवों को युवाओं के साथ खुलकर साझा किया। कलेक्टर आकाश छिकारा ने युवाओं को सफलता के महत्वपूर्ण सूत्र देते हुए स्पष्ट किया कि किसी भी कठिन परीक्षा को उत्तीर्ण करने के लिए निरंतरता, सही दिशा और आत्मविश्वास ही सबसे बड़े आधार स्तंभ होते हैं। उन्होंने आंतरिक प्रेरणा के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि जब तक लक्ष्य का 'क्यों' स्पष्ट नहीं होगा, तब तक बाहरी प्रेरणा लंबे समय तक काम नहीं आ सकती। तैयारी के दौरान आने वाली रुकावटों की चर्चा करते हुए उन्होंने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया को सबसे बड़ा भटकाव बताया तथा पढ़ाई के समय फोन को साइलेंट या एयरप्लेन मोड पर रखने की सलाह दी। इसके साथ ही मानव मस्तिष्क की स्वभावगत भूलने की प्रवृत्ति से निपटने के लिए उन्होंने लगातार रिवीजन करने, बेहतर प्रदर्शन पर'सेल्फ-रिवार्ड'तकनीक अपनाने और रोज़ाना 3 से 4 घंटे की पूरी निष्ठा व गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई करने का सुझाव दिया। मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए उन्होंने प्रतिदिन सोने से पूर्व 5 मिनट आत्ममंथन करने तथा 15 से 20 मिनट टहलने व गहरी सांसें लेने को बेहद जरूरी बताया।
संवाद कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारियों ने भी अंतिम समय की रणनीति और समय प्रबंधन पर महत्वपूर्ण विचार साझा किए। जिला पंचायत सीईओ तन्मय खन्ना ने नौकरी और पढ़ाई के बीच संतुलन की चुनौती पर मार्गदर्शन देते हुए समझाया कि जॉब का होना कोई मानसिक दबाव नहीं बल्कि एक प्रकार की सुरक्षा है। सफलता उपलब्ध समय के सही नियोजन पर निर्भर करती है, इसलिए आसान और मध्यम श्रेणी के विषयों पर मजबूत पकड़ बनाने के साथ-साथ मॉक टेस्ट के ज़रिए परीक्षा हॉल के माहौल की आदत ढालनी चाहिए। वहीं सहायक कलेक्टर यशवंत नायक ने समय प्रबंधन और सटीक अध्ययन सामग्री के चयन पर बात करते हुए बताया कि अंतिम दिनों में रिवीजन तालिका और फॉर्मूले बनाकर अध्ययन करने से परीक्षा में विषय-वस्तु को याद रखना बेहद आसान हो जाता है।
पूरे सत्र के दौरान ग्रन्थालय का माहौल उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहा। अधिकारियों ने बहुत ही सरल और दोस्ताना अंदाज़ में अभ्यर्थियों द्वारा पूछे गए सिलेबस, समय प्रबंधन और परीक्षा के तनाव जैसे व्यावहारिक प्रश्नों के उत्तर देकर उनकी शंकाओं का समाधान किया। जिले के सर्वोच्च प्रशासनिक नेतृत्व को अपने इतने करीब पाकर युवाओं का आत्मविश्वास दोगुना हो गया और उन्होंने जिला प्रशासन की इस सराहनीय पहल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। इस अवसर पर जिला मिशन समन्वयक समग्र शिक्षा अशोक पाण्डे सहित ग्रन्थालय के सदस्यगण और अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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