
जशपुरनगर, 12 अगस्त 2026। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख छत्तीसगढ़ अरुण पाण्डेय, भा.व.से. ने जशपुर प्रवास के दौरान जिले के महत्वपूर्ण प्राकृतिक, धार्मिक एवं पर्यावरणीय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने मनोरा विकासखंड के भैरव पहाड़ तथा कांसाबेल वन परिक्षेत्र के ग्राम बगिया स्थित पर्यावरण वाटिका का भ्रमण कर इनके संरक्षण एवं विकास की संभावनाओं का अवलोकन किया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भैरव पहाड़ में प्रकृति, आस्था और जनजातीय संस्कृति के संरक्षण पर जोर
श्री पाण्डेय ने मनोरा विकासखंड के अंतर्गत भैरव पहाड़ का भ्रमण कर स्थल की प्राकृतिक एवं धार्मिक महत्ता की जानकारी ली। उन्होंने क्षेत्र में प्रचलित स्थानीय जनजातीय परम्पराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं को भी समझा।
उन्होंने निर्देशित किया कि भैरव पहाड़ का विकास स्थानीय जनजातीय परम्पराओं, प्राकृतिक स्वरूप तथा सोगड़ा आश्रम से जुड़ी आस्था एवं धार्मिक भावनाओं के अनुरूप किया जाए। विकास कार्यों में प्राकृतिक सुंदरता और पर्यावरणीय संतुलन को प्राथमिकता देते हुए स्थानीय संस्कृति एवं परम्पराओं का संरक्षण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।
पर्यावरण वाटिका को जागरूकता केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश
इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख ने वन परिक्षेत्र कांसाबेल के ग्राम बगिया में निर्मित पर्यावरण वाटिका का निरीक्षण किया। उन्होंने वाटिका में पौधरोपण, हरित क्षेत्र विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का जायजा लिया।
उन्होंने पर्यावरण वाटिका को स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों एवं आम नागरिकों के लिए पर्यावरण जागरूकता और प्रकृति शिक्षा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। स्थानीय एवं उपयोगी प्रजातियों के पौधों के संरक्षण, बेहतर रख-रखाव तथा पर्यावरण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी उन्होंने जोर दिया।
प्रकृति आधारित विकास से बढ़ेंगे रोजगार और पर्यटन के अवसर
जशपुर प्रवास के दौरान अरुण पाण्डेय ने कहा कि जिले की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता, जनजातीय संस्कृति और धार्मिक आस्था जशपुर की विशिष्ट पहचान हैं। इसलिए विकास कार्यों में स्थानीय परम्पराओं और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को भैरव पहाड़, हनुमान टेकरी और पर्यावरण वाटिका जैसे स्थलों को प्रकृति आधारित, पर्यावरण अनुकूल एवं जनभागीदारी के माध्यम से विकसित करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और पर्यटन के अवसर बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस अवसर पर सरगुजा वृत्त अम्बिकापुर के दिलराज प्रभाकर, वनमण्डलाधिकारी बलरामपुर आलोक वाजपेयी, वनमण्डलाधिकारी जशपुर शशि कुमार सहित जशपुर वनमण्डल के समस्त उपवनमण्डलाधिकारी, वन परिक्षेत्राधिकारी एवं वन अमला उपस्थित रहा।
![]() | ![]() | ![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |
![]() |









































